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भारत से लॉन्च हुआ अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट, 6,100 किलो का BlueBird Block-2 पहुंचा अंतरिक्ष में

24 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भारत से लॉन्च हुआ अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट, 6,100 किलो का BlueBird Block-2 पहुंचा अंतरिक्ष में

भारत से लॉन्च हुआ अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट, 6,100 किलो का BlueBird Block-2 पहुंचा अंतरिक्ष में

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से बुधवार सुबह इसरो ने अमेरिकी सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। 6,100 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट भारत से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट बन गया है।


कौन सा रॉकेट, कितना वजन?

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को LVM3-M6 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया। इस रॉकेट का कुल वजन 640 टन है और यह भारत का अब तक का सबसे भारी लॉन्च व्हीकल है।


क्या है ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 का मकसद?

ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 एक नेक्स्ट-जेन कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। इसका उद्देश्य सामान्य स्मार्टफोन तक सीधे हाई-स्पीड सेल्युलर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है।

इसके जरिए धरती पर कहीं से भी

4G और 5G वॉयस कॉल

वीडियो कॉल

मैसेजिंग

स्ट्रीमिंग

हाई-स्पीड डेटा सेवाएं

 उपलब्ध हो सकेंगी।


भारत-अमेरिका का कॉमर्शियल मिशन

यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की AST स्पेसमोबाइल (AST एंड साइंस, LLC) के बीच हुए एक कॉमर्शियल समझौते का हिस्सा है।

 NSIL, इसरो की कॉमर्शियल ब्रांच है।


लॉन्च की पूरी टाइमलाइन

करीब 43.5 मीटर ऊंचा LVM3-M6 रॉकेट बुधवार सुबह श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से रवाना हुआ।

 लगभग 15 मिनट की उड़ान के बाद ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 रॉकेट से अलग हुआ और उसे करीब 520 किलोमीटर ऊपर लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित कर दिया गया।


90 सेकेंड की देरी क्यों हुई?

रॉकेट को पहले सुबह 8:54 बजे लॉन्च किया जाना था, लेकिन इसे 90 सेकेंड देरी से 8:55:30 बजे छोड़ा गया।

 इसरो के अनुसार, श्रीहरिकोटा के स्पेस एरिया के ऊपर हजारों एक्टिव सैटेलाइट गुजर रहे थे। टकराव की आशंका को देखते हुए लॉन्च टाइम बढ़ाया गया।


PM मोदी बोले – मील का पत्थर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा –

 “यह भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। यह भारत की भारी-भरकम लॉन्च क्षमता को मजबूत करता है और ग्लोबल कॉमर्शियल लॉन्च मार्केट में हमारी बढ़ती भूमिका को मजबूत करता है।”


इसरो चेयरमैन ने बताया बड़ी उपलब्धि

इसरो चेयरमैन वी. नारायणन ने इसे देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। इससे पहले नवंबर में लॉन्च किया गया LVM3-M5 कम्युनिकेशन सैटेलाइट-03 करीब 4,400 किलोग्राम का था, जिसे जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित किया गया था।

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