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सतना एयरपोर्ट पर जल्द उतरेंगे एयरबस और बोइंग विमान: रनवे विस्तार के लिए हटेंगी 68 बाधाएं, जिला प्रशासन ने तैयार किया मेगा प्लान

10 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सतना एयरपोर्ट पर जल्द उतरेंगे एयरबस और बोइंग विमान: रनवे विस्तार के लिए हटेंगी 68 बाधाएं, जिला प्रशासन ने तैयार किया मेगा प्लान
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। ​विंध्य क्षेत्र के हवाई सफर का सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। सतना हवाई अड्डे के विस्तार की फाइलें अब टेबल से निकलकर सीधे जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं, जिसके बाद यहां 72 सीटर एटीआर 72, एयरबस ए320 और बोइंग 737 जैसे बड़े विमानों का शोर सुनाई देगा।


​क्यों अटक गया था बड़े विमानों का सफर?

​शुरुआत में सतना रनवे की लंबाई 1850 मीटर थी, लेकिन एयरपोर्ट अथॉरिटी के नियमों (VFR) ने इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सुरक्षा के लिहाज से 'रेसा' (रनवे एंड सेफ्टी एरिया) बनाने के लिए रनवे के दोनों सिरों पर रेत बिछाई गई, जिससे रनवे घटकर महज 1200 मीटर रह गया। ​मौजूदा स्थिति में यह रनवे सिर्फ 19 सीटर विमानों के लायक ही बचा था। लेकिन अब प्रशासन इस 1200 मीटर की सीमा को तोड़कर इसे 1500 मीटर तक खींचने की तैयारी में है। इस बदलाव से सतना सीधे बड़े शहरों की एयर कनेक्टिविटी से जुड़ जाएगा।


​68 बाधाओं पर चलेगा प्रशासन का डंडा

​हवाई पट्टी को सुरक्षित बनाने के लिए रनवे के आसपास की 68 बाधाओं को चिन्हित किया गया है, जो विमानों की लैंडिंग में खतरा बन सकती हैं। इनमें पश्चिमी दिशा की 47 और पूर्वी दिशा की 21 अड़चनें शामिल हैं। ​हटाए जाने वाले अवरोधों की सूची लंबी है। इसमें मोबाइल टावर, बिजली के पोल और भवनों पर रखी पानी की टंकियां शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षित उड़ान के लिए इन निर्माणों को हटाना अनिवार्य है, ताकि पायलटों को लैंडिंग के समय क्लियर विजन मिल सके।


जमीन का नया गणित: 12 एकड़ का होगा विस्तार

​विस्तार के इस प्रोजेक्ट में जमीन का पेच भी सुलझा लिया गया है। बाईपास और हवाई अड्डे के बीच की 12 एकड़ जमीन रनवे के विस्तार के लिए इस्तेमाल होगी। इसके अलावा, अमृत पार्क के पास स्थित साढ़े चार एकड़ जमीन से अतिक्रमण भी साफ किया जाएगा। ​दिलचस्प बात यह है कि यह पूरी जमीन तकनीकी रूप से हवाई अड्डे की ही है, जिस पर फिलहाल अवैध कब्जे हैं। इस जमीन के मिलते ही रनवे को कोड 3सी की श्रेणी में अपग्रेड कर दिया जाएगा, जो मध्यम आकार के कमर्शियल विमानों के लिए मानक है।


​क्या हटेगा और कहां से? देखें पूरी लिस्ट

​पश्चिम दिशा में सबसे ज्यादा चुनौतियां हैं, जहां 5 मोबाइल टावर, 7 बिल्डिंग टंकियां, 12 बिजली-टेलीफोन पोल और 2 स्कूल बाधा के रूप में चिन्हित हैं। वहीं पूर्वी छोर पर 12 इलेक्ट्रिक पोल और बाउंड्री वाल को शिफ्ट किया जाना है।

​इन रुकावटों के हटते ही सतना एयरपोर्ट का विंगस्पेन एरिया 24 से 36 मीटर वाले विमानों के लिए खुल जाएगा। इससे न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि विंध्य में पर्यटन और व्यापार की नई राहें भी खुलेंगी।

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