
भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां ठगों ने गरीब और दिव्यांग भिखारियों को निशाना बनाते हुए नकली नोट थमा दिए और उनकी मेहनत से जुटाई चिल्लर लेकर फरार हो गए।
कैसे रची गई ठगी की साजिश?
जानकारी के मुताबिक सोमवार को कुछ अज्ञात लोग मंदिर परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत शुरू की। खुद को श्रद्धालु बताते हुए एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी मंदिर में सिक्के चढ़ाना चाहती है, इसलिए उसे चिल्लर की जरूरत है। विश्वास में लेकर आरोपियों ने 200-200 रुपये के नोट दिए और बदले में भिखारियों से हजारों रुपये की चिल्लर ले ली। कुछ ही देर बाद वे वहां से गायब हो गए।
दुकान पर पहुंचते ही खुला राज
ठगी का पता तब चला जब पीड़ित भिखारी चाय-नाश्ते की दुकान पर सामान खरीदने पहुंचे। दुकानदार ने नोट देखकर उन्हें नकली बताया और लेने से मना कर दिया। इसके बाद वृद्ध और दिव्यांग पीड़ितों को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया।
पुलिस के पास अब तक नहीं पहुंची शिकायत
घटना मंडी थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी पीड़ित ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। थाना प्रभारी सुनील मेहर के अनुसार, शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी और मंदिर क्षेत्र में संदिग्ध लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ती ठगी: क्यों जरूरी है सतर्कता?
हाल के वर्षों में बड़े धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ी हैं। अपराधी अक्सर भावनात्मक या धार्मिक बहाने बनाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नकली नोट से जुड़ी घटनाओं में जागरूकता और तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।
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