
भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर से देश की खेती को नई दिशा देने की तैयारी है। शनिवार को यहां दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर एक अहम उच्चस्तरीय सम्मेलन होने जा रहा है, जहां दालों के उत्पादन से लेकर किसानों की कमाई बढ़ाने तक पर खुलकर चर्चा होगी। कार्यक्रम की अगुवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे।
देशभर के मंत्री और किसान होंगे शामिल
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में ओडिशा, पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के कृषि मंत्री शिरकत करेंगे। इनके साथ किसान, एफपीओ (Farmer Producer Organizations) और बीज उत्पादन से जुड़े विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे। मकसद साफ है—देश में दालों का उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता घटाना और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना।
खेतों तक पहुंचेगा सम्मेलन, किसानों से होगा संवाद
सम्मेलन केवल मंच तक सीमित नहीं रहेगा। कार्यक्रम के दौरान खेतों का भ्रमण किया जाएगा और किसानों से सीधा संवाद भी होगा। खेती को आधुनिक बनाने वाली नई सुविधाओं और तकनीकों का शुभारंभ भी इसी मौके पर किया जाएगा, ताकि किसान सीधे इनका लाभ उठा सकें।
2026: किसान कल्याण का वर्ष
प्रदेश सरकार पहले ही 2026 को किसान कल्याण और आर्थिक समृद्धि का वर्ष घोषित कर चुकी है। इसी कड़ी में लगातार कृषि और किसानों से जुड़े बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। सीहोर में चल रहा तीन दिवसीय ‘17वां ग्रेनेक्स इंडिया’ एग्जीबिशन भी इसी सोच का उदाहरण है।
ग्रेनेक्स इंडिया: आधुनिक मशीनों की झलक
ग्रेनेक्स इंडिया एग्जीबिशन के दूसरे दिन दाल, अनाज और मसालों के प्रसंस्करण से जुड़ी अत्याधुनिक मशीनें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। देश-विदेश की करीब 200 कंपनियां यहां रोबोट और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग आधारित मशीनें प्रदर्शित कर रही हैं, जो दाल बनाने से लेकर ग्रेडिंग, पैकिंग और फूड प्रोसेसिंग तक के काम में इस्तेमाल होंगी।
टैक्स में राहत और निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिए कि तुअर के बाद अन्य दलहनों पर भी टैक्स में राहत दी जाएगी। उन्होंने उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार जमीन से लेकर उत्पादन और बिक्री तक हर स्तर पर सहयोग करेगी। श्रम आधारित उद्योगों के लिए प्रति मजदूर आर्थिक सहायता का प्रावधान भी किया गया है।
उड़द और मसूर किसानों के लिए बोनस की घोषणा
किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द और मसूर उगाने वाले किसानों को भी आगे चलकर बोनस दिया जाएगा। सरकार का फोकस साफ है—किसान मजबूत होगा तो प्रदेश और देश दोनों आगे बढ़ेंगे।
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