
भोपाल। नवंबर के पहले सप्ताह से ही मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।लगातार 15 दिनों से प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर चल रही है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने हवाओं में ठिठुरन बढ़ा दी है। उत्तराखंड,जम्मू- कश्मीर और हिमाचल से आने वाली हवाओं का रुख भी इस साल बदला हुआ है। इस साल सर्द हवाएं राजस्थान से होते हुए बह रही हैं जिससे भोपाल,इंदौर संभाग में तापमान तेजी से गिरा है। भोपाल में शुक्रवार को इस महीने लगातार 11वें दिन भी शीतलहर चली। शुक्रवार को भोपाल,इंदौर सहित प्रदेश के 7 जिलों में शीतलहर चली वहीं पचमढ़ी में इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री पर जा पहुंचा। प्रदेश के बड़े शहरों में राजधानी भोपाल का न्यूनतम तापमान 9.5 डिग्री,इंदौर का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री, उज्जैन का न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री रहा।
शनिवार को इंदौर,भोपाल सहित 7 जिलों में शीतलहर का अलर्ट
भोपाल में सर्दी ने नवंबर में पिछले 84 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया वहीं इंदौर में भी पिछले 25 सालों में सबसे ज्यादा सर्दी का रिकॉर्ड टूट गया है।शनिवार को मध्यप्रदेश के भोपाल,इंदौर सहित 7 जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन प्रदेश में शीतलहर चलेगी उसके बाद तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी के आसार नजर आ रहे हैं हालांकि पूरे माह ही प्रदेश तेज ठंड की चपेट में नजर आएगा। 2 दिन बाद दक्षिण पूर्वी खड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव हो रहा है जिसके चलते ठंड में थोड़ी राहत मिल सकती है।इस साल सर्दी का सीजन भी ज्यादा लंबा चलने की संभावना है। मार्च के महीने में पहले पखवाड़े तक इसका असर रह सकता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

