
भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है।नवंबर के महीने में ही दिसंबर जैसी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि इस सीजन में मौसम का नया ट्रेंड भी सामने आया है। हवाओं के रुख बदलने से इस साल राजस्थान से आ रही सर्द हवाएं सेंट्रल एमपी तक ही पहुंच रही हैं जिससे पश्चिमी मध्यप्रदेश और केंद्रीय मध्यप्रदेश में तेज ठंड पड़ रही है वहीं इससे उलट प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में पचमढ़ी, ग्वालियर का तापमान भोपाल,इंदौर संभाग से ज्यादा देखा जा रहा है। बुधवार को प्रदेश के बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री,इंदौर का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री,ग्वालियर का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री,उज्जैन का न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 10.6 डिग्री दर्ज किया गया।वहीं गुरुवार को मध्यप्रदेश के 13 जिलों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी कर दिया गया है, साथ ही बालाघाट और अनूपपुर में कोल्ड डे घोषित किया गया है।
भोपाल में लगातार 5वें दिन चली शीतलहर
राजधानी भोपाल में सर्दी के इस सीजन में एक नया रिकॉर्ड बन गया है। शहर का न्यूनतम तापमान लगातार पांचवें दिन भी 8 डिग्री पर ठिठका रहा। ऐसा पहली बार हुआ है जब नवंबर के महीने में भोपाल का न्यूनतम तापमान 5 दिनों से 8 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं इस दौरान करीब 120 घंटे शीतलहर का असर देखा गया।ठंड के मामले में राजधानी भोपाल ने नवंबर के महीने का पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2015 में नवंबर महीने में इतनी ठंड पड़ी थी।बुधवार को ठंड के चलते भोपाल देश के 10 सबसे सर्द शहरों में शुमार रहा।मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।दिन में मौसम शुष्क रहने से रात में ठंड का असर ज्यादा है।
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