
भोपाल। अप्रैल माह में 9 दिन तक आंधी और बारिश के बाद अब मध्यप्रदेश में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बीते दिनों तक जहां मौसम सुहावना बना हुआ था, वहीं अब तापमान में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। पारे की हर दिन तेज होती जा रही है।जिससे लोगों को तपती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश में दिन और रात के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश के 5 बड़े शहरों में राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री पहुंच गया जो शनिवार की तुलना में 4 डिग्री अधिक था वही इंदौर में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री, उज्जैन में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री, जबलपुर में अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री और ग्वालियर में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी 33 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा।
अप्रैल में प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल में प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने का ट्रेंड है लेकिन महीने की शुरुआत से ही इस साल एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले पखवाड़े में मौसम बदला रहा। पश्चिमी विक्षोभ अब प्रदेश से विदा हो चुका है और अब प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। हालांकि 15 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान भी है लेकिन मध्यप्रदेश में इसका असर देखने को नहीं मिलेगा। अनुमान है कि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े यानी 16 अप्रैल से गर्मी के तेवर और भी ज्यादा तीव्र हो जाएंगे। इस महीने के अंत तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसी के चलते मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, यदि निकलना जरूरी हो तो सिर और चेहरे को ढककर रखें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में इस तरह के बदलाव से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। गर्मी के इस बढ़ते असर को देखते हुए लोगों को अपनी दिनचर्या और खानपान में भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

