
रिपोर्ट : अतुल जैन
शिवपुरी के खनियाधाना से जुड़ी डॉ. आयुषी देशमुख की सहभागिता से आदिवासी बच्चों के लिए शिक्षा और खेल सुविधाओं का नया केंद्र तैयार हुआ है। सूर्योदय पारधी समाज आदिवासी आश्रम विद्यालय में ऑडिटोरियम और तीन खेल मैदानों वाला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया गया है।
इस परिसर का लोकार्पण 8 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया। कार्यक्रम में डॉ. आयुषी देशमुख के साथ महाराष्ट्र शासन के मंत्रीगण, गणमान्य नागरिक और संत-महात्मा मौजूद रहे।
शिक्षा के साथ खेल पर भी जोर
नई सुविधा का मकसद आदिवासी समाज के बच्चों को पढ़ाई और संस्कार के साथ खेलों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तीन खेल मैदान बनाए गए हैं। ऑडिटोरियम बच्चों के शैक्षणिक और संस्कार संबंधी विकास में उपयोगी होगा, जबकि खेल परिसर से उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
दो संस्थाओं की सहभागिता से हुआ निर्माण
यह परियोजना श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर और अमनोरा येस फाउंडेशन के माध्यम से साकार हुई है। श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट परम पूज्य डॉ. भय्यूजी महाराज द्वारा प्रणीत है। दोनों संस्थाओं ने शिक्षा, संस्कार और सेवा से जुड़े संकल्प के तहत सूर्योदय पारधी समाज आदिवासी आश्रम विद्यालय में इन सुविधाओं के निर्माण में सहभागिता की।
मोहन भागवत ने किया लोकार्पण
नवनिर्मित ऑडिटोरियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन 8 अगस्त 2026 को हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने परिसर का लोकार्पण किया। समारोह में खनियाधाना, जिला शिवपुरी से जुड़ी डॉ. आयुषी देशमुख भी उपस्थित रहीं। उनके साथ महाराष्ट्र शासन के मंत्रीगण, गणमान्य नागरिक तथा संत-महात्माओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
बच्चों को मिलेंगे विकास के नए अवसर
इस परिसर में बच्चों के लिए विकास के कई आयाम जुड़े हैं। शिक्षा और संस्कार के साथ खेल गतिविधियों के जरिए उनमें आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य सुविधाएं
- नवनिर्मित ऑडिटोरियम
- 3 खेल मैदानों वाला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
- शिक्षा और संस्कार के लिए अतिरिक्त सुविधा
- खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का अवसर
खनियाधाना से जुड़ी डॉ. आयुषी की भूमिका
डॉ. आयुषी देशमुख खनियाधाना की रहने वाली हैं और श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर की अध्यक्ष हैं। आदिवासी बच्चों के लिए शुरू हुई इस पहल में उनकी महत्वपूर्ण सहभागिता रही है।
इस परियोजना के जरिए शिवपुरी जिले से जुड़ी उनकी भूमिका शिक्षा, संस्कार और सेवा के क्षेत्र में सामने आई है। खनियाधाना और शिवपुरी के लिए यह पहल आदिवासी बच्चों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है।
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