
रिपोर्ट: अतुल जैन
शिवपुरी में मेगा हेल्थ कैंप की सफलता का जश्न मनाया गया, लेकिन अंत होते-होते माहौल बदल गया। जहां एक तरफ उपलब्धियों की तारीफ हुई, वहीं दूसरी ओर अव्यवस्था और विरोध ने सवाल भी खड़े कर दिए।
मेगा हेल्थ कैंप को बताया ‘करिश्मा’
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी पहुंचकर मेगा हेल्थ कैंप में योगदान देने वालों का सम्मान किया। उन्होंने इस पूरे आयोजन को “करिश्मा” बताते हुए समाजसेवकों, डॉक्टरों और प्रशासन की जमकर सराहना की। 16 मार्च से 24 मार्च तक चले इस शिविर को सेवा और समर्पण का उदाहरण बताया गया। सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी के लोगों ने मिलकर जो किया, वह पूरे प्रदेश के लिए मिसाल है। लेकिन इस सफलता के पीछे कितनी बड़ी मेहनत थी, इसका आंकड़ा भी चौंकाने वाला है।
350 डॉक्टर, लाखों मरीज और 3600 सर्जरी
सिंधिया ने बताया कि इस शिविर में देशभर से आए करीब 350 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। रोजाना 20 से 25 हजार मरीजों की ओपीडी हुई, जिससे कुल मिलाकर लाखों लोग लाभान्वित हुए। सबसे खास बात रही 3600 से ज्यादा सर्जरी, जिनमें कई जटिल ऑपरेशन भी शामिल थे। यह आंकड़ा अपने आप में इस कैंप की विशालता को दिखाता है। यही नहीं, इस बार कुछ ऐसा भी हुआ जो आमतौर पर बड़े शहरों में ही देखने को मिलता है।
शिवपुरी में पहली बार रोबोटिक सर्जरी
इस कैंप में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। सिंधिया ने खुद करीब 1 घंटे तक एक सर्जरी को देखा और अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और मरीज के बीच लगभग 18 फीट की दूरी थी और मशीन के जरिए सर्जरी हो रही थी। सिंधिया ने इसे न्यूयॉर्क और लंदन जैसे शहरों से भी तुलना करते हुए शिवपुरी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। अब इस पहल को आगे बढ़ाने की भी तैयारी है।
हर साल होगा मेगा हेल्थ कैंप
सिंधिया ने घोषणा की कि अब ऐसा मेगा हेल्थ कैंप हर साल आयोजित किया जाएगा। उनका लक्ष्य शिवपुरी को देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर की भी सराहना की गई, जिन्हें सिंधिया ने इस आयोजन का “चौकीदार” बताया। लेकिन समारोह खत्म होते ही तस्वीर बदल गई।
भोजन व्यवस्था में मची अफरा-तफरी
कार्यक्रम के बाद जैसे ही सिंधिया रवाना हुए, भोजन स्थल पर भीड़ अचानक उमड़ पड़ी। लोग प्लेट और खाने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश करते नजर आए। कुछ समय के लिए वहां अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस स्थिति ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। इसी बीच एक और मुद्दा सामने आया, जिसने माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
UGC कानून के विरोध में दिखी नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान UGC कानून का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोग ज्ञापन देने पहुंचे। सिंधिया ने ज्ञापन तो लिया, लेकिन विस्तार से चर्चा नहीं कर पाए। इससे नाराज लोगों ने इसे अपनी अनदेखी बताते हुए असंतोष जताया। उनका कहना था कि उनकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था।
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