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Shivraj Singh Book: PM मोदी संग 35 साल के अनुभवों पर शिवराज की नई किताब लॉन्च

26 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Shivraj Singh Book: PM मोदी संग 35 साल के अनुभवों पर शिवराज की नई किताब लॉन्च
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने तीन दशक से ज्यादा लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को अब किताब का रूप दिया है। उनकी नई पुस्तक ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ का आज दिल्ली में भव्य विमोचन हुआ। दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में देश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम ने बीजेपी और राष्ट्रीय राजनीति में खास चर्चा बटोरी।


वेंकैया नायडू और देवेगौड़ा ने किया विमोचन

पुस्तक का औपचारिक विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। कार्यक्रम को भाजपा के बड़े राजनीतिक आयोजन के रूप में भी देखा जा रहा है।


1991 की एकता यात्रा से शुरू हुई कहानी

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके लंबे संबंधों की भावनात्मक यात्रा है। उन्होंने कहा कि इसमें 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के कई अनुभव शामिल हैं। उस दौरान मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे और वहीं से दोनों का जुड़ाव मजबूत हुआ।


युवाओं को प्रेरित करेगी किताब

शिवराज सिंह चौहान का मानना है कि यह पुस्तक खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। किताब में अनुशासन, समर्पण, तपस्या और राष्ट्र सेवा जैसे मूल्यों को प्रमुखता से रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, कार्यशैली और लोगों से जुड़ने के तरीके को किताब में बेहद करीब से दिखाने की कोशिश की गई है। साथ ही नीति निर्माण और सुशासन के कई अनुभव भी साझा किए गए हैं।


राजनीतिक और व्यक्तिगत रिश्तों की झलक

‘अपनापन’ में सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के बीच के व्यक्तिगत जुड़ाव को भी जगह दी गई है। किताब में कई ऐसे प्रसंग शामिल हैं, जो सार्वजनिक मंचों पर पहले कभी सामने नहीं आए। यही वजह है कि पुस्तक को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तर पर उत्सुकता देखी जा रही है।

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