
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 में 60.49 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया। कंपनी ने यहां बड़ी क्षमता के पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण के लिए करीब 2,053 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
प्रस्तावित इकाई की स्थापना से 1,500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीमेंस एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुइल्हर्मे मेंडोंका, मुख्य वित्तीय अधिकारी हरीश शेखर और हेड-रियल एस्टेट पुनीत बंसल को भूमि का आशय पत्र सौंपा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित रहे।
औद्योगिक निवेश के लिए तेजी से उभर रहा मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुकूल औद्योगिक नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, उपलब्ध भूमि बैंक, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना और निवेशक अनुकूल वातावरण के चलते मध्यप्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार औद्योगिक निवेशों के त्वरित क्रियान्वयन और रोजगार सृजन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सीमेंस एनर्जी की प्रस्तावित परियोजना मध्यप्रदेश को ऊर्जा उपकरण एवं विद्युत अवसंरचना विनिर्माण के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे राज्य में उन्नत विनिर्माण, औद्योगिक विकास और कुशल रोजगार के अवसरों को गति मिलेगी।
पावर ट्रांसफॉर्मर का होगा निर्माण
प्रस्तावित इकाई में बड़ी क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मरों का निर्माण किया जाएगा। इनका उपयोग देश की बढ़ती विद्युत अवसंरचना जरूरतों, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में किया जाएगा। परियोजना से विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। परियोजना के क्रियान्वयन से उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में ऊर्जा उपकरण विनिर्माण से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में सीमेंस की व्यापक मौजूदगी
सीमेंस एनर्जी इंडिया ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा संचरण, औद्योगिक विद्युतीकरण, ऊर्जा भंडारण और डीकार्बोनाइजेशन समाधानों के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की प्रस्तावित उज्जैन इकाई का निवेश मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ-साथ देश की ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान देने वाला माना जा रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

