बुधवार, 06 मई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

सिरोंज में पहली बार दिखी ऐसी जनसुनवाई, 4 घंटे तक जनता के बीच रहे कलेक्टर, तहसीलदार-पटवारियों को दी चेतावनी

06 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सिरोंज में पहली बार दिखी ऐसी जनसुनवाई, 4 घंटे तक जनता के बीच रहे कलेक्टर, तहसीलदार-पटवारियों को दी चेतावनी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

सिरोंज में मंगलवार को हुई जिला स्तरीय जनसुनवाई ने लोगों को प्रशासन की नई कार्यशैली का एहसास कराया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने लगातार 4 घंटे से ज्यादा समय तक बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान पहुंचे 121 आवेदनों में कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।


आजीविका भवन में सुबह 11:15 बजे शुरू हुई जनसुनवाई दोपहर 3:30 बजे तक चली। लंबे समय तक खुद मौजूद रहकर शिकायतें सुनने के कारण लोगों में प्रशासन को लेकर भरोसा बढ़ता नजर आया।


राजस्व मामलों पर कलेक्टर का सख्त रुख

जनसुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी सामने आईं। जमीन विवाद, सीमांकन और रिकॉर्ड संबंधी मामलों पर कलेक्टर अंशुल गुप्ता काफी गंभीर दिखे। उन्होंने तहसीलदारों और पटवारियों को साफ शब्दों में कहा कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई मामलों में अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिससे फरियादियों को राहत की उम्मीद जगी।


स्कूलों से लेकर KCC लोन तक उठे बड़े मुद्दे

जनसुनवाई में अशोक जैन ने शहर में बिना अनुमति संचालित हो रहे स्कूलों पर कार्रवाई की मांग रखी। शिकायत में नियमों के उल्लंघन का मुद्दा प्रमुख रहा। वहीं मोहन रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनका KCC लोन अधिकारियों की वजह से अटका हुआ है। मामले को जांच के लिए संबंधित विभाग को भेजा गया। इस शिकायत के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।


सिरोंज में केंद्रीय विद्यालय की मांग

जनसुनवाई के दौरान सलमान खान ने सिरोंज में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखी। उनका कहना था कि बेहतर शिक्षा सुविधाओं के लिए क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। यह मांग सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति पर भी चर्चा तेज हो गई। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


अवैध कब्जों और बंद रास्तों को लेकर नाराजगी

कई ग्रामीणों ने सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा होने की शिकायत दर्ज कराई। लोगों का आरोप था कि दबंगों ने रास्ते बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों की भी कई अर्जियां कलेक्टर को सौंपी गईं। इन मामलों को राजस्व और नगरपालिका विभाग को जांच के लिए भेजा गया है।


किसानों और गरीब परिवारों की भी बड़ी परेशानी

जनसुनवाई में पहुंचे कई किसानों ने बताया कि उनकी जमीनों का सीमांकन लंबे समय से लंबित पड़ा है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ रहा। वहीं कई गरीब परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की अगली किस्त नहीं मिलने की शिकायत की। लोगों ने कहा कि मकान अधूरे पड़े हैं और आर्थिक तंगी की वजह से निर्माण रुक गया है।


लोगों ने कहा- पहली बार दिखी ऐसी सक्रियता

सिरोंज के लोगों का कहना है कि इससे पहले किसी कलेक्टर ने इतने लंबे समय तक बैठकर सीधे जनता की बातें नहीं सुनीं। लगातार कई घंटे तक जनसुनवाई में मौजूद रहना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कलेक्टर की सक्रियता से अब लोगों को उम्मीद है कि लंबे समय से अटकी समस्याओं का समाधान तेज़ी से हो सकता है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें