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देश की सबसे बड़ी जल सुरंग अंतिम चरण में, 17 साल बाद विंध्य-बुंदेलखंड तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, सीएम ने किया निरिक्षण

17 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
देश की सबसे बड़ी जल सुरंग अंतिम चरण में, 17 साल बाद विंध्य-बुंदेलखंड तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, सीएम ने किया निरिक्षण
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

कटनी जिले के स्लीमनाबाद में तैयार हो रही 11.95 किलोमीटर लंबी देश की सबसे बड़ी जल सुरंग अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पहली बार बरगी बांध का पानी विंध्य और बुंदेलखंड के कई जिलों तक पहुंचाने का रास्ता खुल जाएगा।


शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने श्रमिकों से संवाद किया और सांदीपनि विद्यालय का भी लोकार्पण किया।


1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

परियोजना पूरी होने पर बरगी बांध का पानी कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों तक पहुंचेगा।


परियोजना से मिलने वाले प्रमुख लाभ:

  1. करीब 1450 गांव लाभान्वित होंगे।

  2. लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने का दावा।

  3. शुरुआती चरण में करीब 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की संभावना।


2008 में शुरू हुआ था निर्माण

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य 2008 में शुरू हुआ था। समय के साथ इसकी लागत बढ़कर करीब ₹2,000 करोड़ तक पहुंच गई। निर्माण के दौरान सुरंग की खुदाई में संगमरमर, चूना पत्थर, मिट्टी और बड़े-बड़े बोल्डरों की परतें सामने आईं। खुदाई में उपयोग किए गए विशेष कटर कई बार क्षतिग्रस्त हुए, जिन पर ही करीब ₹67 करोड़ खर्च किए गए।


मीथेन गैस और मशीन खराब होने से बढ़ी चुनौती

  • परियोजना के दौरान कई तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ा।

  • 2013 में सुरंग के भीतर मीथेन गैस निकलने से करीब 4 महीने तक काम बंद रहा।

  • 2016 में अमेरिका से मंगाई गई रॉबिन्स टनल बोरिंग मशीन खराब हो गई।

  • इसके बाद जर्मनी से नई मशीन मंगाकर निर्माण कार्य दोबारा आगे बढ़ाया गया।


भूजल ने भी बढ़ाई मुश्किलें

निर्माण के दौरान सुरंग में अनुमान से अधिक भूजल मिला। हर मिनट लगभग 18 हजार से 20 हजार लीटर पानी का रिसाव होने लगा।


शुरुआत में 50 से 100 हॉर्स पावर के पंप लगाए गए, लेकिन बाद में क्षमता बढ़ाकर 4000 हॉर्स पावर तक करनी पड़ी। केवल डी-वाटरिंग यानी सुरंग से पानी निकालने की प्रक्रिया पर ही ₹200 करोड़ से अधिक खर्च हुआ।


सीएम दौरे के दौरान पुलिस की कार्रवाई

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी संभावित विरोध या व्यवधान को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल को उनके घर से हिरासत में लिया। इसके साथ ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से युवा कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया।

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