
भोपाल। मध्यप्रदेश में ठंड इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। हर बीतते दिन के साथ पारे में गिरावट का दौर देखा जा रहा है। नवंबर से शुरू हुआ सर्दी का सितम अभी भी बदस्तूर जारी है।मंगलवार को प्रदेश के शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री पहुंच गया।इसके अलावा नौगांव में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री और उमरिया में न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज हुआ। प्रदेश के 23 जिलों में पारा 10 से नीचे दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री,इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री,उज्जैन में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री,जबलपुर में न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री रहा।भोपाल में दिसंबर के 30 दिनों में से 29 दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा।पिछले 90 साल के इतिहास में यह भोपाल का सबसे सर्द दिसंबर है।
कड़ाके की ठंड के साथ नए साल का आगज
इस सीजन में ठंड के साथ प्रदेश में कोहरे की दोहरी मार के चलते यातायात व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। एक तरफ कोहरे की वजह से कई फ्लाइट रीशेड्यूल करना पड़ी हैं वहीं ट्रेनें भी विलंब से चल रही है। वाहन चालकों को भी परिदृश्यता कम होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल ठंड से राहत मिलने के कोई भी आसान नजर नहीं आ रहे हैं।पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने प्रदेश में ठंडक घोल रखी है इसके साथ ही उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी देखा जा रहा है। मंगलवार को जेट स्ट्रीम 259 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बही। जिससे को भोपाल,इंदौर प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर चली वहीं ग्वालियर, चंबल,सागर और रीवा संभाग में घने कोहरे की चलते परेशानी बढ़ गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नए साल का आगज भी इस बार कड़ाके की सर्दी के साथ ही होगा।
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