
इंदौर। सोनम रघुवंशी जमानत के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति अचानक गरमा गई है। राजा रघुवंशी हत्याकांड में आए इस फैसले पर अब सवाल उठने लगे हैं और बीजेपी ने इसे लेकर कड़ा रुख अपना लिया है।
फैसले पर सियासी हमला तेज
बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता उषा ठाकुर ने जमानत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को “दुखद और हैरान करने वाला” बताते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में आरोपी को राहत मिलना कई सवाल खड़े करता है।
जांच और धाराओं पर उठे सवाल
उषा ठाकुर ने सीधे तौर पर जांच प्रक्रिया और लगाई गई धाराओं पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि अगर अपराध गंभीर था, तो ऐसी धाराएं क्यों लगाई गईं कि आरोपी को जमानत मिल गई। उन्होंने यह भी कहा कि “अगर जघन्य अपराधों में आरोपी आसानी से छूटने लगेंगे, तो यह पूरे सिस्टम के लिए धिक्कार है”—यह बयान अब चर्चा के केंद्र में है।
शर्तों के साथ मिली थी जमानत
बताया जा रहा है कि सोनम रघुवंशी को सशर्त जमानत दी गई है। शर्तों के मुताबिक वह शिलॉन्ग से बाहर नहीं जा सकती और न ही किसी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ कर सकती है। इसके बावजूद उसके इंदौर आने की चर्चाओं ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
“इंदौर बर्दाश्त नहीं करेगा” — उषा ठाकुर
इंदौर को लेकर दिए गए बयान में उषा ठाकुर ने कहा कि “मां अहिल्या की नगरी ऐसे मामलों को स्वीकार नहीं करेगी”। इस टिप्पणी के बाद मामला कानूनी दायरे से निकलकर सामाजिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।
हाई कोर्ट जाने की उम्मीद
उषा ठाकुर ने पीड़ित परिवार से उम्मीद जताई है कि वे इस फैसले को चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि परिवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए, जहां उन्हें न्याय मिलने की पूरी संभावना है।
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