
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को विधानसभा में आयोजित 'संसद यूथ पार्लियामेंट-2026' के उद्घाटन समारोह में कहा कि देश के युवाओं को राजनीति में आकर अपनी सक्रिय भागीदारी करनी होगी। युवा, डॉक्टर-इंजीनियर बनने के साथ ही राजनीति में आकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आईसीएस की परीक्षा पास करने के बाद नौकरी ठुकराकर अंग्रेजों को करारा जवाब दिया था। वे देश को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने के लिए स्वाधीनता के आंदोलन में कूद पड़े। देश के युवाओं को लोकतंत्र, संसदीय परम्परा और नीति निर्माण से जोड़ने की यह पहल अनुकरणीय है। देश का युवा भारत के भविष्य के लिए मंथन करने बैठा है। यह एक सुखद अनुभूति है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने “संसद यूथ पार्लियामेंट 2026” का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में देशभर से युवा प्रतिभागी संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संसदीय शैली में विचार-विमर्श करेंगे। यह कार्यक्रम साकार दृष्टि सोशल फाउंडेशन और कैलिडोहोप नागपुर की ओर से आयोजित किया गया।
हमारे लिए रामचंद्र और रहीम के लिए समान है अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अनेकता में एकता, सबका साथ सबका विकास सबके विश्वास और सबके प्रयास एवं जियो और जीने दो के भाव से आगे बढ़ रहा है। इसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्प शक्ति की आवश्यकता है। हमारे लिए रामचंद्र और रहीम के लिए अधिकार समान है। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के लिए व्यापक स्तर पर सुझाव लिए। सभी जिलों और सभी धर्मों के लोगों ने इस पर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। यूसीसी के सर्वे में 76 प्रतिशत मुस्लिम बहनों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया। मध्यप्रदेश देश के बड़े राज्यों में अग्रणी है, जिसने यूसीसी लागू करने के लिए विधेयक पारित किया है।
आयोजन में 12 राज्य और 58 नगरों के युवाओं ने हिस्सा लिया
'संसद यूथ पार्लियामेंट 2026' के आयोजन में 12 राज्य और 58 नगरों के युवाओं ने हिस्सा लिया है। सदन कल्याणकारी नीतियों का निर्माण करने वाला पवित्र स्थान है। इस युवा संसद में बेटियों की सक्रिय भागीदारी महिला सशक्तिकरण का प्रभावी उदाहरण है। सनातन संस्कृति में मातृसत्ता को सर्वोपरि रखा गया है। दुनिया हमारे लिए एक परिवार की तरह है। मां परिवार का आधार होती हैं, माता के बिना भगवान भी अधूरे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी न्यायपालिका के निर्णयों का अक्षरश: सम्मान करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर बन पाया है।
युवा संसद का आयोजन लघु भारत की तरह है: नरेंद्र सिंह तोमर
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश होने के साथ सभी विधाओं और संपन्नताओं से समृद्ध है। मध्यप्रदेश देश को नेतृत्व देने के लिए संस्कारधानी के रूप में भी जाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को आगे बढ़ाने में प्राण-प्रण से जुटे हैं। आज विधान परिषद में युवा संसद का आयोजन लघु भारत की तरह है। युवा अवस्था में व्यक्ति स्वयं के विकास और भारत के भविष्य का निर्धारण करने में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। आदिगुरु शंकराचार्य ने युवा अवस्था में देश को एकसूत्र में पिरोने के लिए यात्रा की और सनातन मठों की स्थापना की। विकसित भारत में युवाओं की भूमिका का सदैव स्मरण रखा जाएगा।
युवाओं को सेवा- समर्पण के भाव से देश व समाज के लिए करना होगा कार्य: दिलीप सूर्यवंशी
दिलीप बिल्डकॉन के सीएमडी दिलीप सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भारी उद्योगों के साथ-साथ छोटी औद्योगिक ईकाइयों को भी अच्छा निवेश मिल रहा है। इन प्रयासों से रोजगार के अवसर भी बड़े पैमाने पर सृजित होंगे। उन्होंने संसद यूथ पार्लियामेंट 2.0 के माध्यम से युवाओं द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को सेवा और समर्पण के भाव से देश और समाज के लिए कार्य करना होगा।
इनकी रही उपस्थिति: कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे और विधानसभा के सचिव अरविंद शर्मा का सम्मान किया गया। उद्घाटन समारोह में आयोजक विश्वजीत चोपड़े, सुश्री देवयानी चोपड़े, वैशाली खोबड़े सहित अनेक युवा सदस्य उपस्थित थे।
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