
भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में अनुश्रवण समिति की पहली बैठक हुई। इसमें महिलाओं के उत्थान और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के लिए 21 विभागों की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि विमुक्त घुमंतू जातियों के उत्थान के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
बैठक में आगामी कार्य-योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि बाल विवाह रोकने के सार्थक प्रयास में विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को भी इसकी समझाइश दी जाए। उन्हें समाज की कुरीतियों को दूर करने और उनके रोकने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं आदिम जाति विभाग के संयुक्त प्रयास से वर्किंग वीमेन हॉस्टल की हर जिले में स्थापना की जाये ताकि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को और बेहतर किया जा सके।
योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए
मंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए तथा जमीनी स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए। बैठक में पोषण अभियान, आंगनवाड़ी सेवाएं, किशोरी बालिका योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं तथा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। मंत्री ने योजनाओं में आ रही चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से नवाचार आधारित प्रयासों को बढ़ावा देने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव आयुक्त, महिला एवं बाल विकास निधि निवेदिता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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