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Madhaya Pradesh

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का किया गया गठन

15 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
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Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के अंतर्गत प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन किया गया है। राज्य तिलहन मिशन की बैठक का आयोजन कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में किया जा सकेगा।

समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त, सहकारिता, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण/ फूड प्रोसेंसिंग इंडस्ट्रीज, पंचायत व ग्रामीण विकास, वित्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, कुलपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर/ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, आयुक्त/ संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, निदेशक भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर, प्रभारी अधिकारी नाबार्ड, समन्वयक स्टेट लेवल बैंकर समिति, तिलहन क्षेत्र में कार्यरत एफपीओ/ को-ऑपरेटिक्स के दो प्रतिनिधि (प्रत्येक से एक), बीज एवं खाद्य तेल उत्पादक उद्योग से संबंधित दो प्रतिनिधि (प्रत्येक से एक-एक) , भारत सरकार, कृषि मंत्रालय की ओर से नामित अधिकारी (संयुक्त सचिव स्तर) सदस्य होंगे। किसान कल्याण तथा कृषि विकास को सदस्य-सचिव नामित किया गया है।    

 

मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, मिशन में निहित समग्र नीति दिशा-निर्देशों के भीतर राज्य में मिशन कार्यान्वयन की समग्र निगरानी की जाएगी। राज्य को सौंपे गए क्षेत्र, उत्पादन,  और उत्पादकता लक्ष्यों और इसकी निगरानी के आधार पर तिलहन की खेती और उत्पादन के लिए राज्य तिलहन कार्य योजना को अंतिम रूप देना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले मिशन के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप संभावित और वार्षिक राज्य कार्य-योजना को अंतिम रूप देना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को प्रस्तुत नियमित रिपोर्टों के साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर नजर रखकर राज्य स्तर पर मिशन की प्रगति की निगरानी की जाएगी।

 

समिति की ओर से यह कार्य भी किए जाएंगे

समिति की ओर से आवश्यक बुनियादी ढांचे (इंफास्ट्रक्चर) और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं आदि को विकसित करने के लिए राज्य स्तरीय वित्तीय संसाधन आवंटन की देखरेख करना, जिला मिशनों, मूल्य श्रृंखला भागीदारों और तकनीकी सहायता एजेंसियों के कामकाज और प्रगति की निगरानी करना और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करना और एसओपी निर्धारित करना, प्रमुख मिशन के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने और इसे राज्य कृषि नीतियों और विकास योजनाओं के साथ जोड़ने के लिए संबंधित विभागों (कृषि, सिंचाई वित्त. ग्रामीण विकास आदि) के साथ समन्वय करके अन्य केन्द्रीय और राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण सुनिश्चित करने के कार्य किए जाएंगे।

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