
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। कहीं तेज आंधी चल रही है, तो कहीं झमाझम बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि ने भी लोगों को चौंका दिया है। बीते 72 घंटों में प्रदेश के 52 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है, जबकि 15 जिलों में ओले गिरे हैं। बुधवार को राजधानी भोपाल में दोपहर में गरज चमक के साथ बारिश हुई तो वहीं सीहोर में बारिश के साथ ओले भी गिरे। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।बीते 24 घंटों में इंदौर, उज्जैन,देवास सहित कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।गुरुवार को भी 30 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश में अभी दो तरह के मौसम
मध्यप्रदेश में अभी दो तरह के मौसम देखे जा रहे है। यहां बारिश के साथ ही गर्मी का असर बना हुआ है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, उज्जैन में 35.8 डिग्री, जबलपुर में 38.6 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री दर्ज किया गया है।नर्मदापुरम 40 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि पचमढ़ी 32.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 5 अप्रैल के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी का दौर लौट सकता है, जहां तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही लू चलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। फिलहाल, बदलते मौसम के इस दौर में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।
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