
भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज गर्मी के बीच आई इस बदलाव भरी बारिश ने जहां लोगों को राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, और कई इलाकों में ओले भी गिरे।राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, रतलाम, बैतूल, मैहर, पांढुर्णा, धार, आगर-मालवा, दमोह और खरगोन जैसे जिलों में बारिश हुई। भोपाल में देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश देखने को मिली। वहीं मुलताई, सिवनी और छिंदवाड़ा में चने के आकार के ओले गिरने की खबर है।इस बारिश से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं गेहूं, सरसों और चने की फसलों को नुकसान पहुंचा है। खेतों में खड़ी फसलें गिरने और खराब होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।
3 दिन प्रदेश में बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अभी मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले 3 दिनों तक बना रहेगा। आज भी करीब 35 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सागर और पांढुर्णा में येलो अलर्ट जारी है।मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश के बीचों-बीच सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के कारण यह सिस्टम मजबूत बना हुआ है, जिससे आंधी और बारिश का दौर जारी है।हालांकि 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह मौजूदा सिस्टम जितना प्रभावी नहीं होगा। 23 मार्च के बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होगी और मार्च के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर तेज गर्मी का दौर देखने को मिलेगा।फिलहाल, बदलते मौसम ने प्रदेश में राहत और चिंता—दोनों का माहौल बना दिया है।
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