
भोपाल। रीवा में मरीज के उपचार में लापरवाही और अनियमितताओं के मामलों में जांच के बाद प्रदेश सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 के अपराह्न से समाप्त कर दी गई हैं।
डॉ. सोनल अग्रवाल के विरुद्ध मरीजों को नर्सिंग होम जाने के लिए बाध्य करने संबंधी शिकायत की उच्च स्तरीय समिति से जांच कराई गई थी। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में उनके विरुद्ध दीर्घशास्ति हेतु अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की थी। प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद कार्यकारिणी समिति के संकल्प के आधार पर मध्यप्रदेश स्वशासी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयीन शैक्षणिक आदर्श सेवा नियम, 2018 के तहत यह कार्रवाई की गई। आदेश के अनुसार, डॉ. सोनल अग्रवाल भविष्य में किसी भी शासकीय व स्वशासी सेवा के लिए अनर्ह होंगी।
वहीं, कल्पना मिश्रा की प्रसव के दौरान रीवा में हुई मृत्यु के संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से गठित जांच समिति की कार्यवाही के क्रम में अथर्व ब्लड सेंटर से संबंधित औषधि निरीक्षक राधेश्याम बट्टी को निलंबित किया गया है। राधेश्याम बट्टी के विरुद्ध गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला शहडोल निर्धारित किया गया है।
अथर्व ब्लड सेंटर पर आपराधिक प्रकरण करने के निर्देश
अथर्व ब्लड सेंटर, रीवा की अनियमितताओं के संबंध में संबंधित अधीनस्थ औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस कार्रवाई के जरिए उपचार व्यवस्था में लापरवाही, मरीजों से संबंधित अनियमितताओं और ब्लड सेंटर की व्यवस्थाओं में नियमों के उल्लंघन के मामलों में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
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