
भोपाल। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मंगलवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की समीक्षा की। सभी वर्किंग एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। कोई एजेंसी तय टाइमलाइन में कार्य पूर्ण नहीं करती है, तो उसके विरुद्ध निर्माण अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पीआईयू, आईडीए, बीडीए, यूडीए और भवन विकास निगम सहित विभिन्न वर्किंग एजेंसियों की ओर से किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने निर्देश दिए कि मासिक आधार पर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाए और चरणबद्ध और मासिक लक्ष्य तय कर निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। मंत्री ने कहा कि प्रत्येक एजेंसी अपनी कार्ययोजना स्पष्ट रूप से विभाग को उपलब्ध कराए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्कूल शिक्षा विभाग में एक तकनीकी विंग गठित करने के निर्देश दिए। यह तकनीकी विंग विभागीय जांच दल के रूप में कार्य करेगा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं मानकों की नियमित जांच करेगा। उन्होंने कहा कि चेक एंड बैलेंस का मजबूत सिस्टम विकसित किया जाना आवश्यक है, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से विभाग को प्रस्तुत करें
मंत्री ने सभी वर्किंग एजेंसियों को निर्देश दिए कि वे थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से विभाग को प्रस्तुत करें, जिससे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित हो सके। बैठक में सांदीपनि विद्यालयों से संबंधित प्रयोगशालाओं, अतिरिक्त कक्षों, खेल मैदानों एवं अन्य शैक्षणिक अधोसंरचना से जुड़े निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय शिल्पा गुप्ता भी उपस्थित रहीं।
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