
भोपाल। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि बायो मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक और सुनियोजित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मेडिकल वेस्ट के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, चिकित्सा अधोसंरचना के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने रीवा, सिंगरौली, ग्वालियर, सागर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। जरूरी उपकरणों की उपलब्धता, मानव संसाधन की नियुक्ति, शैक्षणिक और चिकित्सकीय गतिविधियों के सुचारु संचालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल
बैठक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और जिला चिकित्सालयों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और गुणवत्ता में सुधार शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उन्नयन प्रस्तावों को व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर भी दिया जोर
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ऐसे सभी विषयों और प्रस्तावों, जिनके लिए सक्षम समिति या फिर मंत्रि-परिषद की स्वीकृति अपेक्षित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द अग्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे निर्णय प्रक्रिया में विलंब न हो और योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंच सके। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी उपस्थित थे।
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