
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singhभोपाल। राज्यपाल मंगुभाई पटेल बुधवार को डॉ. बीआर आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के 7वें दीक्षांत समारोह 16 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने माता-पिता और गुरुजनों का हमेशा सम्मान करें। माता-पिता के संघर्ष, त्याग और बलिदान को हमेशा याद रखें। उनकी सेवा पुण्य का कार्य है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। युवाओं को डॉ. आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। जहां हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मूल मंत्र को याद दिलाया और बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन विश्वविद्यालय के कुलगुरु रामलाल अत्राम ने दिया। समारोह के सारस्वत अतिथि डॉ. रविंद्र कन्हेरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। आभार कुलसचिव डॉ. अजय वर्मा ने माना।
विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के सामाजिक न्याय के दूत हैं। सामाजिक न्याय , समरसता और समावेशी विकास के सिद्धांतों का आजीवन अनुसरण करें। विश्वविद्यालय से प्राप्त ज्ञान को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान में लगाएं।
युवा शक्ति राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि महू डॉ. भीमराव आंबेडकर की जन्मभूमि है। इस पावन धरा पर स्थित विश्वविद्यालय , सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने युवा शक्ति को राज्य और राष्ट्र के विकास की धुरी बताया। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक असमानताओं पर शोध और उनके व्यावहारिक समाधान प्रयासों के लिए विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की सराहना की।
शोध कार्यों को जनहित व राज्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह संस्थान सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध और अध्ययन को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने शोध कार्यों को सीधे जनहित और राज्य की विकास योजनाओं से जोड़ने का प्रयास करें।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

