भोपाल। एम्स भोपाल लगातार चिकित्सा सेवाओं और जनस्वास्थ्य की दिशा में नए आयाम स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में दिनांक 09 दिसंबर 2025 को एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर के नेतृत्व में संचालित कॉर्नियल रिट्रीवल प्रोग्राम के माध्यम से एक महत्वपूर्ण नेत्रदान संपन्न हुआ। यह नेत्रदान भोपाल निवासी 18 वर्षीय स्पर्श कंबोज का उनके पिता प्रवीण कंबोज द्वारा कराया गया।
एम्स भोपाल की नेत्र बैंक विभाग और ऑप्थैल्मोलॉजी टीम ने परिवार के सदस्यों को काउंसलिंग करके जागरूक किया और इस नेक कार्य के लिए प्रेरित किया। उनके इस मानवीय प्रयास से समाज में नई आशा और प्रकाश का संचार हुआ है। परिवार ने अपने प्रियजन को नेत्रदान के इस पुण्य कार्य से जोड़ा, जिसके लिए संस्थान उनकी संवेदनशीलता और सहयोग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता है। यह उदाहरण समाज के लिए प्रेरक संदेश है कि मृत्यु के बाद भी किसी की आँखों की रौशनी बन पाना संभव है। कॉर्नियल रिट्रीवल को लेकर प्रोफेसर डॉ. भावना शर्मा ने अपनी उम्मीदें व्यक्त कीं और कहा कि एम्स भोपाल में नेत्रदान को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों की आँखों में उजाला लाया जा सके।
डॉ. भावना शर्मा ने इस सफलता में नेत्र बैंक टीम, रेड ट्रॉमा एम्बुलेंस टीम और स्टाफ के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने समय पर जानकारी देकर नेत्रदान की प्रक्रिया को सफल बनाया। यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल है। एम्स भोपाल सभी नागरिकों से अपील करता है कि नेत्रदान के इस संदेश को आगे पहुँचाएँ और अपनी आँखों की रोशनी को किसी और की जिंदगी का उजाला बनाने का संकल्प लें।
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