
इंदौर। जिस इंदौर को देश का सबसे साफ शहर कहा जाता है, वहीं आज लोग गंदा पानी पीकर अपनी जान गंवा रहे हैं। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस दर्दनाक मामले में 18वीं मौत सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बन गया है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से 18वीं मौत
ताजा मामला हरकुंवर ग्रेरईया नाम की महिला का है, जो अपनी बेटी के घर भागीरथपुरा आई हुई थीं। परिवार के मुताबिक 30 दिसंबर को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन हालत लगातार खराब होती चली गई।
परिजनों का कहना है कि दूषित पानी से फैले संक्रमण के चलते 1 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही Indore Polluted Water मामले में मरने वालों की संख्या 18 तक पहुंच चुकी है।
सरकारी स्कूल के पास रह रही थीं मृतका
मृतका की बेटी ने बताया कि हरकुंवर ग्रेरईया सरकारी स्कूल के पास स्थित उनके घर पर रह रही थीं। यहीं सप्लाई हो रहे पानी का सेवन करने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई।
स्थानीय लोग भी यही कह रहे हैं कि इसी इलाके में सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। लोग अब घरों में नलों से आ रहे पानी को पीने से डरने लगे हैं और मजबूरी में बाहर से पानी मंगवाकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप – मौत के बाद भी कोई अफसर नहीं पहुंचा
हरकुंवर की मौत के बाद भी प्रशासन की बेरुखी सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि अब तक न तो कोई स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी और न ही नगर निगम या जिला प्रशासन का कोई अफसर उनके घर हालचाल जानने पहुंचा। इलाके के लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि Indore contaminated water से लगातार मौतें हो रही हैं, फिर भी प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा।
इलाके में दहशत, लोग बोले – कब जागेगा सिस्टम?
भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। लोग आशंका जता रहे हैं कि अगर जल्द ही दूषित पानी की सप्लाई नहीं रोकी गई तो और भी जानें जा सकती हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई घरों में अब भी उल्टी-दस्त और बुखार के मरीज हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। लोग साफ पानी की टैंकर सप्लाई, पाइपलाइन की जांच और पूरे इलाके में मेडिकल कैंप लगाने की मांग कर रहे हैं।
स्वच्छ शहर की छवि पर बड़ा सवाल
इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाता है, लेकिन Indore Polluted Water की इस त्रासदी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब साफ-सफाई के नाम पर शहर अव्वल है, तो पीने के पानी की बुनियादी व्यवस्था इतनी बदहाल कैसे हो सकती है?
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

