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तमिलनाडु की थेनी सब-जेल से 17 कैदी फरार, 4 गिरफ्तार; 13 की तलाश में पुलिस ने बनाई 17 टीमें

27 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
तमिलनाडु की थेनी सब-जेल से 17 कैदी फरार, 4 गिरफ्तार; 13 की तलाश में पुलिस ने बनाई 17 टीमें
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

तमिलनाडु के थेनी जिले में जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। सोमवार देर रात एक सेल में बंद 17 कैदी जेल कर्मचारियों पर हमला कर फरार हो गए, जिनमें से 4 को रातभर चले तलाशी अभियान के दौरान पकड़ लिया गया।


बाकी 13 कैदियों की तलाश के लिए पुलिस ने 17 विशेष टीमें बनाई हैं। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 चेकपोस्ट पर वाहनों की जांच की जा रही है और आसपास के राज्यों के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया है।


बीमार कैदी का बहाना बनाकर कर्मचारियों पर हमला

साउथ जोन के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी के मुताबिक, सभी 17 कैदी एक ही सेल में बंद थे। रात में जेल कर्मचारियों को सूचना मिली कि एक कैदी की तबीयत बिगड़ गई है और उसे दौरे पड़ रहे हैं।


जेल कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कैदी पहले से हमले की तैयारी में थे। उन्होंने कर्मचारियों पर हमला किया और वहां से भाग निकले।


हमले में 3 पुलिसकर्मी घायल, एक अस्पताल में भर्ती

इस घटना में 3 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी के सिर में चोट लगी है। उन्हें जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


दो अन्य जेल कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं। फरार कैदियों की तलाश के साथ पुलिस हमले की परिस्थितियों की जांच भी कर रही है।


डिंडीगुल में 16 चेकपोस्ट, केरल तक अलर्ट

फरार कैदियों को पकड़ने के लिए आसपास के जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाकर आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है।


डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार ने चेकपोस्ट स्थापित किए जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने मदुरै, डिंडीगुल और केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी है।


फरार कैदियों की तस्वीरें सभी पुलिस थानों को भेजी गई हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कुल 17 विशेष टीमें तलाशी अभियान में जुटी हैं।


1995 के बाद बड़ी जेल फरारी की घटनाओं में शामिल

तमिलनाडु में कैदियों के इस तरह फरार होने की घटना को 1995 के बाद की बड़ी घटनाओं में गिना जा रहा है। उस साल वेल्लोर किले के भीतर बने विशेष हिरासत शिविर से लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर भाग गए थे।


उस सुरंग की लंबाई करीब 153 फीट (47 मीटर) थी। थेनी की मौजूदा घटना में कैदियों ने किस तरह सुरक्षा घेरा तोड़ा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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