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भोपाल मेट्रो में सफर से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं तो लग सकता है भारी जुर्माना और हो सकती है जेल

29 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल मेट्रो में सफर से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं तो लग सकता है भारी जुर्माना और हो सकती है जेल

भोपाल मेट्रो में सफर से पहले पढ़ लें ये खबर, नहीं तो लग सकता है भारी जुर्माना और हो सकती है जेल

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल मेट्रो के शुरू होते ही शहर की रफ्तार बदल गई है, लेकिन अब मेट्रो में सफर करना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाते हुए प्लेटफॉर्म और स्टेशनों पर बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए हैं। इन पोस्टरों पर साफ लिखा है कि नियम तोड़े तो 6 महीने तक की जेल और जुर्माना दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। 


मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत होगी कार्रवाई

भोपाल मेट्रो में अब अनुशासन बेहद जरूरी कर दिया गया है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी यात्री नियमों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ मेट्रो रेलवे परिचालन और अनुरक्षण अधिनियम 2002 के तहत केस दर्ज किया जाएगा। इस अधिनियम के अंतर्गत जेल की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। यानी अब मेट्रो सिर्फ सफर का साधन नहीं बल्कि एक अनुशासित व्यवस्था भी बन चुकी है, जहां लापरवाही की कोई जगह नहीं है।


भीख, नारेबाजी और पालतू जानवरों पर पूरी तरह रोक

स्टेशन और ट्रेन के अंदर कई गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। मेट्रो परिसर में भीख मांगना, नारेबाजी करना, भीड़ इकट्ठा करना या किसी तरह की सामूहिक गतिविधि करना अपराध माना जाएगा।

इसके अलावा यात्रियों को पालतू जानवर लेकर यात्रा करने की भी अनुमति नहीं होगी। प्रबंधन का कहना है कि इससे न सिर्फ अन्य यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि सुरक्षा भी प्रभावित होती है।


धारा 62 और 73: प्रदर्शन किया या सामान बेचा तो सीधा जुर्माना

मेट्रो अधिनियम की धारा 62 के तहत यदि कोई व्यक्ति मेट्रो परिसर में प्रदर्शन करता है, दीवारों पर कुछ लिखता या चिपकाता है, या निर्देश मानने से इनकार करता है, तो उस पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे ट्रेन से बाहर भी किया जा सकता है। वहीं धारा 73 के अनुसार, स्टेशन परिसर में अनाधिकृत रूप से सामान बेचने पर 400 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। इसका मकसद है स्टेशन पर अव्यवस्था और भीड़ को रोकना।


मेट्रो ट्रैक पर उतरना पड़ा महंगा, 6 महीने की जेल तक का प्रावधान

भोपाल मेट्रो में सबसे सख्त नियम ट्रैक से जुड़े हैं। यदि कोई व्यक्ति मेट्रो ट्रैक पर उतरता है या वहां पैदल चलता है, तो धारा 64-2 के तहत उसे 6 महीने की जेल या 500 रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। महिलाओं के आरक्षित कोच में बैठने पर 3 महीने की जेल या 250 रुपये जुर्माना तय किया गया है। इमरजेंसी अलार्म का गलत इस्तेमाल करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के काम में बाधा डालने पर 1 साल की जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।


यात्रियों से अपील – कतार में रहें, नियमों का पालन करें

मेट्रो प्रबंधन ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्टेशन पर कतार में रहें, अपने सामान का ध्यान रखें और टिकट जांच के समय सिर्फ अधिकृत कर्मचारियों को ही टिकट दिखाएं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर मेट्रो सुरक्षा या ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें।

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