
भोपाल। ग्वालियर में विकसित किए जा रहे भारत के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) के लिए निवेश जुटाने की कवायद अब मुंबई पहुंच गई है। 4 अगस्त 2026 को होने वाली इन्वेस्टर्स मीट एवं रोडशो के जरिए सरकार का लक्ष्य संभावित निवेश को ₹10 हजार करोड़ से अधिक तक ले जाना है।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाना और नए निवेशकों को ग्वालियर परियोजना से जोड़ना है।
मुंबई में जुटेंगे सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि
मुंबई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल और मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव भी मौजूद रहेंगे। रोडशो में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, प्रौद्योगिकी, कंपोनेंट निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश क्षेत्र की प्रमुख कंपनियां तथा अन्य हितधारक भाग लेंगे।
ग्वालियर में शुरू हुआ देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन
30 जुलाई 2026 को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और मध्यप्रदेश शासन के बीच एमओयू के बाद ग्वालियर में देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन की शुरुआत हुई थी। इस परियोजना का उद्देश्य दूरसंचार विनिर्माण के लिए एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र की दिशा में आगे बढ़ाना है।
पहली बैठक से मिले थे ₹3,500 करोड़ के प्रस्ताव
इससे पहले नई दिल्ली में हुई पहली इन्वेस्टर्स राउंडटेबल में उद्योगों ने ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए थे। इन प्रस्तावों के आधार पर करीब 14 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई थी। अब मुंबई में होने वाली बैठक के जरिए सरकार संभावित निवेश को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ से अधिक तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास करेगी।
इन कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि
नई दिल्ली में आयोजित पहली बैठक के दौरान कई प्रमुख कंपनियों ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी। इनमें शामिल हैं—
एचएफसीएल (HFCL)
डिक्सन (Dixon)
वीवीडीएन (VVDN)
कॉक्स एंड किंग्स इंक. (Cox & Kings Inc.)
इन कंपनियों की भागीदारी को दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में निवेश के प्रति उद्योग जगत के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगी गति
मुंबई इन्वेस्टर्स मीट के जरिए सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। इस पहल का लक्ष्य बड़े निवेश आकर्षित करने, उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर बढ़ाने और भारत को वैश्विक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ना है।
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