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डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाए: राजेंद्र शुक्ल

08 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाए: राजेंद्र शुक्ल
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुधवार को मंत्रालय में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतचल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक रहने वाले प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाए।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। आभा आईडी, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया जाए। बैठक में सीईओ आयुष्मान अरविंद कुमार शाह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य देश में एकीकृत व परस्पर जुड़ा हुआ डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम विकसित करना है। इसके माध्यम से नागरिकों को विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान आभा आईडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से प्राप्त एवं साझा कर सकें। 


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से मरीज, चिकित्सक, प्रयोगशाला, फार्मेसी, अस्पताल और बीमा सेवाओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का सुरक्षित एवं निर्बाध आदान-प्रदान संभव होगा। इससे उपचार की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।


उपमुख्यमंत्री की ओर से ये निर्देश भी दिए गए…


. शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों, चिकित्सकों, नर्सों, आयुष चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का पंजीयन तेजी से कराया जाए। 


. सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।


प्रदेश में अब तक 5.86 करोड़ एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी

सीईओ आयुष्मान ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 5.86 करोड़ एबीएचए आईडी बनाई जा चुकी हैं। साथ ही लगभग 20 हजार स्वास्थ्य संस्थान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकृत किए गए हैं तथा लगभग 18 हजार स्वास्थ्य पेशेवर हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री से जुड़ चुके हैं। हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री के अंतर्गत चिकित्सक, नर्स, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक तथा अन्य लाइसेंसधारी स्वास्थ्य पेशेवरों का सत्यापित डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक पंजीकृत स्वास्थ्य पेशेवर को विशिष्ट डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है।

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