
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग की ओर से किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की। वहीं, अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई एवं रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रतीक्षा सूची से 14 लाख हितग्राहियों को दिया जा रहा राशन
मुख्यमंत्री ने विभाग की ओर से पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को निशुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। खाद्य संचालनालय के अभियान में ई-केवाइसी और राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं, इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर निशुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।
25.18 लाख नए श्रमिकों को निशुल्क वितरण
बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।
सिंहस्थ में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थाई राशन कार्ड
सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई योजना की जानकारी भी बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन सहयोग से समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही, मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी। यह व्यवस्था सुचारू रहे इसलिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भंडारण के लिए गोदामों की स्थापना की जाएगी।
आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना
1. उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान किया गया है।
2. एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराईज़ेशन के अंतर्गत - खाद्य संचालनालय, MPSCSC और MPWLC के साफ्टवेयर का इंटिग्रेशन किया जाएगा।
3. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन।
4. उपार्जन हेतु एग्रीस्टेक डाटा एवं कृषि उपज मंडी में विक्रय उपज एवं उपार्जन डाटा से लिंक की व्यवस्था का प्रस्ताव।
5. उपार्जन केन्द्रों पर नॉन FAQ स्कंध के अपग्रेडेशन के लिये ऑटोमेटेड क्लीनिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव।
6. उपार्जित खाद्यान परिवहन करने वाले वाहनों का GPS से ट्रैकिंग एवं रूट ऑप्टीमाईजेशन किया जायेगा, जिससे परिवहन व्यय में कमी आएगी।
7. खाद्यान्न के उपार्जन, भण्डारण व वितरण में संलग्न विभिन्न संस्थाओं के सॉफ्टवेयर सिस्टम का इंटीग्रेशन।
8. गोदाम की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिये निजी गोदाम संचालकों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण।
9. शासकीय गोदामों की छत पर 28.87 हजार वर्गमीटर एवं परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल की स्थापना का प्रस्ताव।
10. MIS, नवीन तकनीकों तथा ऑनलाईन वेरिफिकेशन के माध्यम से भण्डारण प्रक्रिया का मार्डनाईजेशन तथा गोदामों का अपग्रेडेशन।
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