
भोपाल में शुक्रवार सुबह 10 बजे का वक्त… मेट्रो ट्रैक पर अचानक हलचल बढ़ती है—क्योंकि कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम खुद मेट्रो में सवार होकर ट्रैक का मुआयना करने पहुंच चुकी थी। शहर की सबसे बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल के लिए यह निरीक्षण किसी ‘फाइनल एग्जाम’ से कम नहीं, और पूरे दिन के शेड्यूल ने साफ कर दिया कि भोपाल अब मेट्रो के कॉमर्शियल रन के बेहद करीब है।
दूसरे दिन भी 6 घंटे की कड़ी जांच
सीएमआरएस टीम शुक्रवार को सुबह 10 बजे से निरीक्षण में जुट गई और शाम 4 बजे तक ट्रैक, कोच, सिग्नलिंग, सुरक्षा सिस्टम और रनिंग प्रक्रिया की बारीकी से जांच की।
टीम मेट्रो ट्रेन में सवार होकर ट्रैक पर चली और ट्रेन के अंदर से तकनीकी सिस्टम्स का भी रियल-टाइम टेस्ट किया।
3 दिनों के भोपाल दौरे में क्या-क्या हुआ?
गुरुवार को—डिपो से एम्स स्टेशन तक तकनीकी जांच
➡️ डिपो का पूरा टेक्निकल सेटअप
➡️ एम्स स्टेशन तक ट्रैक और सिग्नलिंग
➡️ आरकेएमपी स्टेशन पर पानी गिराकर ट्रैक लेवल टेस्ट
➡️ ढाल और जल निकासी क्षमता का मूल्यांकन
➡️ सुभाषनगर डिपो में पूरे प्रोजेक्ट की समीक्षा
गुरुवार को ही टीम ने करीब 8 घंटे का लंबा निरीक्षण किया था।
क्या है CMRS की भूमिका?
सीएमआरएस किसी भी मेट्रो प्रोजेक्ट की अंतिम सुरक्षा स्वीकृति देते हैं। उनकी रिपोर्ट OK आने के बाद ही मेट्रो आम यात्रियों के लिए चलाई जा सकती है।
किन बिंदुओं पर हो रही जांच?
ट्रैक
सिग्नलिंग और कम्युनिकेशन
ब्रेकिंग सिस्टम
स्टेशन सेफ्टी
आपातकालीन निकासी व्यवस्था
पिछले दो निरीक्षणों में मिली खामियों को सुधार लिया गया है, इसलिए इस बार उम्मीद मजबूत दिख रही है।
पहली बार भोपाल आए नए मेट्रो कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता
पूर्व कमिश्नर जनक कुमार गर्ग के रिटायर होने के बाद नए CMRS—नीलाभ्र सेनगुप्ता—पहली बार भोपाल पहुंचे हैं। टीम वही पुरानी है, इसलिए प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं।
अक्टूबर का टारगेट टला, अब नवंबर में चल सकती है मेट्रो
अक्टूबर में बिहार चुनावों के चलते कमर्शियल रन रोकना पड़ा था। सितंबर-अक्टूबर में दो बड़े निरीक्षण हुए थे, जिनमें सुभाषनगर-एम्स रूट का पूरा जायजा लिया गया था। अब बुधवार से शुरू हुआ यह तीसरा और सबसे अहम दौरा—भोपाल मेट्रो को ग्रीन सिग्नल दिला सकता है।
रिपोर्ट आने के बाद आगे क्या?
सूत्रों के अनुसार, सीएमआरएस की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी → सरकार ओके देगी → उसके बाद कॉमर्शियल रन की फाइनल डेट तय होगी।
सूत्रों के मुताबिक—प्रधानमंत्री मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी हो सकते हैं। 31 मई को उन्होंने इंदौर मेट्रो को भोपाल से हरी झंडी दिखाई थी, जिसके बाद भोपाल मेट्रो का काम तेज हो गया था।
RDSO पहले ही OK दे चुका है
रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) की टीम पहले ही निरीक्षण कर चुकी है और उनकी रिपोर्ट ओके आई थी। इसके बाद ही सीएमआरएस का यह निरीक्षण शेड्यूल हुआ।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

