
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शराब नीति को लेकर बड़ा कदम आगे बढ़ा दिया है। आबकारी विभाग ने नई आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रालय में गठित मंत्रिमंडल समिति ने इस ड्राफ्ट पर विस्तार से मंथन किया। बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके मौजूद रहीं। मंत्रियों के सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।
CM की मंजूरी के बाद कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी संशोधन के बाद नई आबकारी नीति का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद इसे कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यह नई नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी।
1915 के आबकारी अधिनियम में बड़े बदलाव
नई नीति में मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत वे धाराएं हटाई जाएंगी जो अब अव्यावहारिक हो चुकी हैं और जिनसे सरकार को कोई खास राजस्व नहीं मिल रहा है।
21,000 करोड़ रुपये राजस्व का टारगेट
सरकार ने नई आबकारी नीति में शराब बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। पिछली नीति में यह लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपये था। अधिक राजस्व के लिए अवैध शराब निर्माण और अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान किए गए हैं। शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवैध बिक्री रोकने की जिम्मेदारी सीधे जिला अधिकारियों पर तय की जाएगी।
जहरीली शराब रोकने पर सख्ती
जिलों में जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए नीति में कड़े नियम जोड़े गए हैं। इसके साथ ही शॉपिंग मॉल में महंगी शराब के काउंटर खोलने का प्रस्ताव भी ड्राफ्ट में शामिल है। इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा।
दुकान नहीं बिकी तो ई-टेंडर से होगा आवंटन
नई नीति के तहत शराब दुकानों के चालू वित्त वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर आवंटन का प्रस्ताव है।
आवंटन की प्रक्रिया इस तरह होगी—
1. पहले नवीनीकरण
2. फिर लॉटरी
3. अंत में ई-टेंडर
अगर दुकानें नहीं बिकती हैं तो ई-टेंडर के जरिए ठेका दिया जाएगा।
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