
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन के दशहरा मैदान से 3 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पवित्र गीता एक ऐसा ग्रंथ है, जिसमें भक्ति योग, ज्ञान योग और कर्म योग के साथ संपूर्ण जीवन का सार समाहित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ गीता जयंती कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कुरूक्षेत्र के युद्ध स्थल में मोहग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण की ओर से दिए गए उपदेश को समझने व आत्मसात करने के लिए प्रदेश में गीता जयंती से अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पवित्र नगरी उज्जैन ने हर काल, हर परिस्थिति और हर युग में अपने महत्व को बनाए रखा है। आज से लगभग 5 हजार वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण ने कंस का वध किया था। इसके बाद उन्होंने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में आकर महर्षि सांदीपनि से विद्या प्राप्त की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि आश्रम में बिना किसी भेदभाव के सभी शिष्यों को एक समान विद्या-अध्ययन करवाया जाता था। भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म से ही कई संकटों को पार करते हुए विकट परिस्थितियों में भी सहज रहकर संकटों का सामना करना हम सभी को सिखाया। सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और वीर भारत न्यास के सचिव डॉ. श्रीराम तिवारी ने मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का सम्मान किया। इसके बाद भगवद्गीता के 15 वें अध्याय पुरुषोत्तम योग का सस्वर पाठ किया गया।
जीवन की सभी समस्याओं का हल हमें भगवद्गीता में मिलता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध स्थल में विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर संकट का सामना करने का संदेश हम सभी को श्रीकृष्ण ने दिया। श्रीकृष्ण ने सदैव हमें अन्याय के विरुद्ध लड़ना सिखाया है। भगवद्गीता में जीवन का सार है। इससे बढ़कर कोई ग्रंथ नहीं है। भगवद्गीता हमें जीवन में कठिन समय में भी अपने कर्तव्य को निरंतर करते रहना सिखाती है। भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण के द्वारा दिये गये उपदेश हमारे जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। जीवन की सभी समस्याओं का हल हमें भगवद्गीता में मिल जाता है। भगवद्गीता का पाठ हम सभी को नियमित रूप से करना चाहिए। भगवद्गीता हमें ईश्वर का स्मरण करते हुए अपने कर्मों को करते रखना सिखाती है।
गीता को हर स्कूली बच्चे के बस्ते में होना चाहिए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गीता को हर स्कूली बच्चे के बस्ते में होना चाहिए। गीता जयंती के अवसर पर इंदौर को गीता भवन की सौगात मिलेगी। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में गीता भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। यह ऐसे स्थान होंगे, जहां लाइब्रेरी और कंप्यूटर साइंस के गुर भी सिखाए जाएंगे। गीता भवन भविष्य में हमारी संस्कृति के बड़े केंद्र बनेंगे।
इनकी रही मौजूदगी
इस दौरान संरक्षक एंव संस्थापक रामानुज कोट, संत स्वामी रंगनाथाचार्य जी महाराज, अध्यक्ष विश्व गीता प्रतिष्ठानम् स्वामी माधव प्रपन्नाचार्य महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, ओमप्रकाश शर्मा, रमेश कोठारी, गिरीश तिवारी, मुकेश जोशी, राघव पंडित, डॉ. रमण सोलंकी, बड़ी संख्या में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, वेद पाठी बटुक, आचार्य और शिक्षकगण उपस्थित थे।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

