
भोपाल में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गुफा मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-पाठ और विधि-विधान के बीच एक युवक की ‘घर वापसी’ कराई गई। अमन खान के नाम से पहचाना जाने वाला युवक फिर से शुभम गोस्वामी बना। युवक का मुंडन कराया गया, फिर पंचगव्य और पंचामृत पिलाकर हिंदू धर्म में वापसी कराई गई।
गुफा मंदिर में हुआ आयोजन
यह पूरा कार्यक्रम भोपाल के गुफा मंदिर में आयोजित किया गया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार कराया गया, विधिवत पूजा-अर्चना हुई और फिर युवक को पंचगव्य व पंचामृत ग्रहण कराया गया। इसके बाद शुभम गोस्वामी ने हिंदू धर्म में वापसी की।
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग का बयान
शुभम की घर वापसी पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, “शुभम गोस्वामी ने फिर से घर वापसी की है। कुछ लोगों ने जबरन दबाव बनाकर शुभम को अमन खान बनाया था। विधि-विधान के साथ पूजा पाठ करके आज फिर से हिंदू धर्म शुभम गोस्वामी ने अपना लिया है। उसने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ लव जिहाद करके मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया। उसके परिवार को भी डराया और धमकाया गया। जिसके बाद शुभम अमन खान बना, उसने आज घर वापसी की है। जो लोग इसमें शामिल थे, उनके खिलाफ मामला दर्ज करके जेल भेजा गया है। पूरे परिवार को सुरक्षा दी जाएगी। तीन आरोपियों को जेल भेजा गया है।”
क्या है पूरा मामला?
शुभम गोस्वामी, जो भोपाल के जहांगीराबाद इलाके का रहने वाला है, एक मुस्लिम युवती इल्मा से प्यार करता था। युवक के अनुसार, युवती ने उस पर रेप का केस दर्ज करवाया था। शुभम का आरोप है कि युवती ने उसके सामने धर्म परिवर्तन के बदले केस वापस लेने की शर्त रखी थी।
शुभम ने यह भी बताया कि जब वह जेल में था, तब लड़की और उसके परिवार वालों ने कहा कि यदि वह मुस्लिम धर्म अपना ले और लड़की से शादी कर ले, तो केस वापस ले लिया जाएगा।
‘धर्म परिवर्तन के बाद शादी से इंकार’ का आरोप
युवक का आरोप है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी उसकी शादी इल्मा से नहीं करवाई गई, बल्कि उससे दूसरी मुस्लिम लड़की से शादी कराने की बात कही जाने लगी। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित युवक का दावा: “गौमांस खिलाया गया”
पीड़ित युवक ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था, “मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट होने के बाद मुझे 130 दिन के लिए जमात में कर्नाटक भेजा गया। वहां मुझे गौमांस भी खिलाया गया, मस्जिद में नमाज पढ़वाई गई और तमाम मुस्लिम गतिविधियां कराई गईं। मुझे धमकी दी गई कि अगर मैंने मुस्लिम धर्म नहीं अपनाया तो मेरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा।”
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