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भोपाल के कालियसोत ग्राउंड पर झूलेलाल की फौज ने मनाया मकर संक्रांति पतंगोत्सव, समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

14 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
भोपाल के कालियसोत ग्राउंड पर झूलेलाल की फौज ने मनाया मकर संक्रांति पतंगोत्सव, समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

भोपाल के कालियसोत ग्राउंड पर झूलेलाल की फौज ने मनाया मकर संक्रांति पतंगोत्सव, समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल में मकर संक्रांति का उत्साह इस बार कुछ अलग ही रंग लेकर आया। कालियसोत ग्राउंड पर जैसे ही रंग-बिरंगी पतंगें आसमान में लहराईं, माहौल पूरी तरह त्योहारमय हो गया। झूलेलाल की फौज द्वारा आयोजित इस पतंगोत्सव में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने खुलकर हिस्सा लिया और पूरे मैदान में खुशी की चहल-पहल दिखाई दी।


आयोजन की खास बातें

इस भव्य आयोजन का नेतृत्व पंडित रवि महाराज ने किया। उन्होंने मंच से सभी अतिथियों का स्वागत किया और झूलेलाल की फौज के साथियों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं को संभालते हुए लोगों को पतंग उड़ाने में सहयोग किया। हर तरफ “काई पो छे” की आवाजें और ढोल-भजनों की धुन माहौल को और खास बना रही थीं।


समाज की प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान समाज में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। समाजसेवी अनिल मोटवानी, दादा श्री बिजलानी सहित अनेक लोगों को झूलेलाल की फौज की ओर से शॉल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को मंच देना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।


भजनों से सजा माहौल

पतंगबाजी के साथ-साथ भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। झूलेलाल भगवान के भजनों पर लोग झूमते नजर आए। यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति को जोड़ने का माध्यम भी बना।


ऐसे आयोजन परंपराओं को जीवित रखना का अवसर देते हैं : डॉ. दुर्गेश केसवानी

इस अवसर पर भाजपा प्रवक्ता डॉक्टर दुर्गेश केसवानी ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, जो समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने झूलेलाल की फौज द्वारा किए गए इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में जब लोग मोबाइल और सोशल मीडिया तक सीमित होते जा रहे हैं, ऐसे आयोजन लोगों को आपस में मिलने और अपनी परंपराओं को जीवंत रखने का अवसर देते हैं। डॉ. केसवानी ने कहा कि भोपाल जैसे शहर में सामाजिक संगठनों द्वारा इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होना गर्व की बात है। उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि झूलेलाल की फौज न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और समरसता का भी संदेश दे रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।

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