
भोपाल। मध्यप्रदेश में सोमवार को अधिकतर हिस्से में तेज धूप और गर्मी की चुभन देखने को मिली। मौसम साफ होते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और अधिकतम तापमान 38 डिग्री जा पहुंचा। प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और ग्वालियर में 29.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, रायसेन प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर 29.2 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ ग्वालियर शहर प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी ठंडा रहा।दरअसल प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सोमवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से बादलों का डेरा रहा।इसी वजह से ग्वालियर में तापमान में गिरावट हुई।प्रदेश के बाकी हिस्से में मौसम शुष्क रहा।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक प्रदेश में गर्मी और बढ़ेगी, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
मार्च के आखिरी सप्ताह में फिर भीगेगा प्रदेश
मार्च के आखिरी सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिलेगा। इसके चलते जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया है।इस बदलते मौसम का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव किसानों और आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। संभावित बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, लगातार बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ रही है।ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत है।
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