
भोपाल। रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की मासूम से रेप के आरोपी सलमान की फरारी की कहानी चौंकाने वाली है। आरोपी भोपाल में खुलेआम चार दिन तक छिपा रहा, मजदूरी की, चोरी का मोबाइल बेचकर खाना खाया और पुलिस को चकमा देता रहा। सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीर वायरल होती रही, लेकिन वह बेखौफ घूमता रहा। इस बीच आरोपी को संरक्षण देने के आरोप में रायसेन पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सुरक्षा कारणों से तीनों को भोपाल जेल में रखा गया है।
हमीदिया अस्पताल में भर्ती सलमान, हालत में सुधार
फिलहाल आरोपी सलमान को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है।
4 दिन भोपाल में कहां-कहां छिपा रहा आरोपी?
पूछताछ में सामने आया कि सलमान घटना के बाद करीब चार दिन भोपाल में फरारी काटता रहा। वह इन इलाकों में छिपता रहा:
मिसरोद
गौतम नगर थाना क्षेत्र स्थित डीआईजी बंगला
टीला जमालपुरा (पुतलीघर)
गांधी नगर
रायसेन पुलिस ने बुधवार को पुष्टि करते हुए बताया कि सलमान भोपाल में रहकर खुलेआम फरारी कर रहा था।
मोबाइल चोरी, मजदूरी और शराब... फरारी की पूरी स्क्रिप्ट
21 नवंबर: जंगल में छोड़ा, दुकान से सिगरेट ली
21 नवंबर को आरोपी ने मासूम से रेप किया और उसे अधमरा हालत में जंगल में छोड़ दिया। इसके बाद उसने हाईवे की एक दुकान से सिगरेट ली, जहां पीड़िता के पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। जंगल की एक झोपड़ी से उसने दो मोबाइल फोन चुराए और अपनी शर्ट बदली।
ट्रैक्टर से लिफ्ट, बस से भोपाल
इसके बाद ट्रैक्टर से लिफ्ट लेकर गौहरगंज कोर्ट के सामने उतरा और फिर बस पकड़कर नादरा बस स्टैंड पहुंचा।
22 नवंबर: मोबाइल नाले में फेंका, सुनसान बिल्डिंग में सोया
22 नवंबर को हबीबगंज नाका पहुंचकर एक मोबाइल आरआरएल ब्रिज के नीचे नाले में फेंक दिया। फिर डीआईजी बंगला होते हुए करोंद मंडी पहुंचा और एक पुरानी सुनसान बिल्डिंग में रात बिताई।
23 नवंबर: संरक्षण देने वाले सामने आए
काम की तलाश में आरोपी की मुलाकात हुई:
ठेकेदार जैद खान
मकान मालिक इंसाफ हुसैन
इन दोनों ने सलमान को तीन दिन मजदूरी दी और पनाह दी, जिससे वह पुलिस से बचा रहा।
26 नवंबर: मोबाइल तोड़ा, शराब पी, फुटपाथ पर सोया
26 नवंबर को उसने दूसरा मोबाइल तोड़कर उसके पुर्जे नारियलखेड़ा के कबाड़ी शहजाद को बेचे। फिर शराब पी और फुटपाथ पर सो गया।
27 नवंबर: लोगों की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
27 नवंबर की रात सेक्टर-11 में कमरा तलाशते हुए सलमान को कुछ युवकों ने देखा। उसे पकड़ने वालों में शामिल रिजवान ने कहा, "जब सलमान पकड़ा गया, तब मैं मौके पर नहीं था, दोस्तों ने सूचना दी। मैं तुरंत पहुंचा।" इसके बाद खजूरी थाने के पुलिसकर्मी राहुल गुरु को आरोपी की तस्वीर भेजी गई। उन्होंने रायसेन पुलिस से पुष्टि करवाई और करीब आधे घंटे में मौके पर पहुंचे।
पहचान पत्र नहीं, खुद को बताया बेगुनाह
पकड़े जाने के बाद सलमान के पास आधार कार्ड समेत कोई पहचान पत्र नहीं मिला। उसने न केवल खुद को आरोपी मानने से इनकार किया, बल्कि किसी भी घटना की जानकारी से भी मुकरता रहा।
एनकाउंटर की खबर से खुली सच्चाई
करीब डेढ़ घंटे बाद रायसेन पुलिस उसे अपने साथ ले गई। अगली सुबह एनकाउंटर की खबर सामने आई, तब पुष्टि हुई कि पकड़ा गया शख्स वही आरोपी सलमान था।
3 आरोपी JMFC कोर्ट में पेश, भोपाल जेल भेजे गए
गौहरगंज पुलिस ने तीनों आरोपियों को JMFC कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उन्हें भोपाल जेल भेज दिया गया। इसके अलावा पुलिस भोपाल के दो अन्य युवकों की भूमिका की जांच कर रही है, जो लेबर ठेकेदारी का काम करते हैं।
बच्ची अस्पताल से डिस्चार्ज, घर लौटी
एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया, "बच्ची की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। बच्ची अब अपने घर पहुंच चुकी है।"
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

