
भोपाल। उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीनों के स्थाई अधिग्रहण को लेकर लाया गया लैंड पूलिंग एक्ट निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में मंगलवार को विधिवत आदेश जारी कर दिया गया। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही आदेश निरस्त किए जाने की बात मौखिक रूप से कही थी। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी स्पष्ट कर दिया गया था।
लैंड पूलिंग के मामले में सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं किए जाने का मामला कांग्रेस विधायक महेश परमार की ओर से शीतकालीन सत्र में उठाया गया था। जिस पर सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री इस संबंध में घोषणा कर चुके हैं, पत्र जल्द जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा था कि जब मुख्यमंत्री ने बोल दिया है तो क्या बचता है, जवाब जल्द आएगा।
इसके बाद भी भारतीय किसान संघ की ओर से लगातार लिखित आदेश जारी किए जाने की मांग की जाती रही। सोमवार को उज्जैन उत्तर से बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट को लेकर आम नागरिकों और किसानों में असंतोष है। उन्होंने मीडिया से भी जानकारी साझा की। इस मामले तूल पकड़ लिया। इसके मंगलवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से एक्ट को निरस्त किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
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