
दमोह। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (VDTR) में प्रोजेक्ट चीता अब हकीकत बनने की दहलीज पर है। लंबे समय से प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों से अटका यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब 2026 में रफ्तार पकड़ेगा। शासन से बजट स्वीकृत होते ही तैयारियों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद जुलाई 2026 तक चीतों की शिफ्टिंग की जा सकेगी।
5.20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत
डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एए अंसारी ने बताया, “प्रोजेक्ट के तहत शासन द्वारा 5.20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से चीतों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा।”
2026 में शिफ्ट होंगे चीते
5.20 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत
मार्च 2026 तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना
जुलाई 2026 तक चीतों की शिफ्टिंग की उम्मीद
शुरुआत में 3 से 4 चीते लाए जा सकते हैं
चीतों के लिए बनेंगे 8 बोमा
एमपी के प्रोजेक्ट चीता के तहत वीडीटीआर के मोहली क्षेत्र में चीतों के लिए कुल 8 बोमा तैयार किए जाएंगे।
4 क्वारंटाइन बोमा: प्रत्येक 50-50 हेक्टेयर क्षेत्र में
4 सॉफ्ट रिलीज बोमा: प्रत्येक 100-100 हेक्टेयर क्षेत्र में
क्वारंटाइन बोमा में चीतों को प्रारंभिक अवधि में रखा जाएगा, इसके बाद उन्हें सॉफ्ट रिलीज बोमा में छोड़ा जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, तैयारी अंतिम चरण में
वीडीटीआर के अधिकारियों के अनुसार, बजट स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण के बाद रिजर्व में 3 से 4 चीतों के आने की उम्मीद है।
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