
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की स्पेसटेक नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के साथ ही यह साफ हो गया है कि अब मध्यप्रदेश केवल खेती और उद्योग ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की तैयारी कर रहा है।
अगले 5 साल में 1000 करोड़ का निवेश, 8 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
कैबिनेट के अनुसार, स्पेसटेक नीति-2026 के तहत प्रदेश में अगले पांच वर्षों में करीब 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस पूरी योजना पर सरकार का अनुमानित वित्तीय भार करीब 628 करोड़ रुपये रहेगा। इस निवेश से प्रदेश में करीब 8 हजार नए रोजगार पैदा होंगे। यानी इंजीनियर, रिसर्चर, डेटा एनालिस्ट और टेक्निकल स्टाफ जैसे युवाओं के लिए यह नीति सुनहरा मौका लेकर आ रही है।
एमपी में खुलेगा उपग्रह निर्माण का रास्ता
स्पेसटेक नीति-2026 के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर उपग्रह निर्माण (Satellite Manufacturing) की दिशा में काम शुरू हो सकेगा।
सरकार का लक्ष्य है कि स्पेस इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों को प्रदेश में आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन, मजबूत बुनियादी ढांचा और अनुसंधान सहायता दी जाए।
इस नीति से केवल सैटेलाइट ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े कई डाउनस्ट्रीम एप्लिकेशन को भी बढ़ावा मिलेगा, जैसे –
कृषि में फसल निगरानी
आपदा प्रबंधन
शहरी नियोजन
भू-स्थानिक विश्लेषण (Geospatial Analysis)
स्पेसटेक के लिए अनुकूल माहौल
कैबिनेट बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश पहले से ही इस क्षेत्र के लिए अनुकूल परिस्थितियां रखता है।
प्रदेश में –
322 औद्योगिक पार्क
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
31 गीगावाट बिजली आपूर्ति क्षमता
देश के बेहतरीन तकनीकी और शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं
इन सबके चलते एमपी में अंतरिक्ष-ग्रेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए अपार संभावनाएं हैं। यही वजह है कि सरकार ने स्पेसटेक नीति को भविष्य का बड़ा इंजन मानते हुए इसे मंजूरी दी है।
बनेगा एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र
स्पेसटेक नीति-2026 के क्रियान्वयन के साथ प्रदेश में स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे।
सरकार एक एकीकृत स्पेसटेक उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना भी करेगी, जहां नवाचार, स्टार्टअप और रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश के युवा वैज्ञानिकों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।
शिक्षकों को भी मिली बड़ी सौगात, चौथा क्रमोन्नत वेतनमान मंजूर
इस ऐतिहासिक बैठक में सिर्फ स्पेसटेक नीति ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी बड़ी खुशखबरी आई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने की मंजूरी दे दी है।
इसके लिए सरकार ने 322 करोड़ 34 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे हजारों शिक्षकों को सीधा फायदा होगा।
कैबिनेट की बैठक में पहली बार टैबलेट का इस्तेमाल
इस बैठक की एक और खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी मंत्रियों ने पहली बार बैठक में टैबलेट का इस्तेमाल किया। यह कदम सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ती सोच को भी दर्शाता है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

