
भारतीय शास्त्रीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में शामिल “तानसेन संगीत समारोह” का शुभारंभ सोमवार (15 दिसंबर) को हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली इस ऐतिहासिक समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है।
भारत की ओर देख रही है दुनिया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत शनै:-शनै: अपनी अद्वितीय छाप छोड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कला और संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
तानसेन समारोह प्रदेश की पहचान: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि तानसेन संगीत समारोह मध्यप्रदेश का उल्लेखनीय और प्रतिष्ठित आयोजन है। संगीत सम्राट तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को विश्व पटल पर अलग पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। गुरु स्वामी हरिदास जी के सानिध्य में उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखकर नए आयाम स्थापित किए। उनकी तान सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो जाते थे।
अकबर के नवरत्नों में थे तानसेन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि सम्राट अकबर ने उन्हें अपने नवरत्नों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है और सामवेद इसका प्रमाण है।
इससे पहले अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला ने समारोह की रूपरेखा और महत्व की जानकारी दी।
राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण और राजा मानसिंह तोमर सम्मान
समारोह के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण एवं राजा मानसिंह तोमर सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।
पं. राजा काले (मुंबई) को वर्ष 2024 का तानसेन अलंकरण
पं. तरुण भट्टाचार्य को वर्ष 2025 का तानसेन अलंकरण
साधना परमार्थिक संस्थान समिति, मण्डलेश्वर को वर्ष 2024 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान
रागायन संगीत समिति, ग्वालियर को वर्ष 2025 का राजा मानसिंह तोमर सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित कलाकारों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
15 से 19 दिसंबर तक सुर-ताल में डूबा रहेगा ग्वालियर
उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में 15 दिसंबर से 19 दिसंबर तक तानसेन संगीत समारोह आयोजित किया जा रहा है। अगले पांच दिनों तक ग्वालियर की फिजाएं सुर, ताल और राग की मधुर ध्वनियों से सराबोर रहेंगी। इस आयोजन का संचालन राज्य शासन के संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी और मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन और नगर निगम के सहयोग से किया जा रहा है।
मुख्य समारोह में होंगी 10 संगीत सभाएं
इस वर्ष तानसेन संगीत समारोह में कुल 10 संगीत सभाएं आयोजित होंगी।
पहली सभा सोमवार सायंकाल तानसेन समाधि परिसर में आयोजित हुई।
इसके बाद प्रतिदिन प्रातः और सायंकालीन सभाएं होंगी।
18 दिसंबर को प्रातःकाल 10 बजे से दो संगीत सभाएं समानांतर रूप से तानसेन समाधि परिसर और मुरैना के बटेश्वर मंदिर परिसर में होंगी।
19 दिसंबर को प्रातःकालीन सभा तानसेन की जन्मस्थली बेहट में और समापन सभा सायंकाल गूजरी महल परिसर में आयोजित होगी।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और कला प्रेमी मौजूद
ग्वालियर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक मोहन ठाकुर, विधायक सुरेश राजे, महापौर मती शोभा सिकरवार, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहे।
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