
भोपाल। ठंड ने अभी से हड्डियां कंपाना शुरू कर दिया है और अब मौसम एक और बड़ा पलटवार करने जा रहा है! हिमालय से उठने वाला नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एमपी की ओर बढ़ रहा है, जिससे दिसंबर की शुरुआत में ही सर्दी का प्रहार और तेज होने वाला है। आने वाले दो दिन मध्यप्रदेश के लिए ठिठुरन भरे साबित हो सकते हैं।
5 दिसंबर से एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ
हिमालयी क्षेत्र में 5 दिसंबर से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होने की संभावना है। इसका असर मध्यप्रदेश में अगले दो दिन बाद यानी 6 और 7 दिसंबर को देखने को मिल सकता है।
इन संभागों में पड़ेगी सबसे ज्यादा ठंड
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में बर्फीली हवाएं दस्तक देंगी। सबसे ज्यादा सर्दी इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में महसूस की जाएगी।
रात का पारा लुढ़का, पचमढ़ी बना सबसे ठंडा
सोमवार-मंगलवार की रात कई शहरों में कंपकंपाने वाली ठंड रही। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अन्य शहरों का न्यूनतम तापमान—
राजगढ़ – 8.5°C
नौगांव – 8.6°C
कल्याणपुर-शाजापुर – 8.7°C
उमरिया – 9.3°C
रीवा – 9.6°C
भोपाल और इंदौर – 9°C से नीचे
कोहरे की चादर में लिपटा ग्वालियर
मंगलवार सुबह ग्वालियर घने कोहरे में लिपटा रहा। यहां विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर तक रही। भोपाल और दतिया में भी दृश्यता 1000 मीटर तक सीमित रही।
दिन में भी ठिठुरन, तापमान में गिरावट
पचमढ़ी – 22.6°C
मलाजखंड (बालाघाट) – 23°C
शिवपुरी – 24°C
बैतूल – 24.2°C
नरसिंहपुर – 24.4°C
सिवनी – 24.6°C
धार – 25.3°C
रीवा – 25.5°C
छिंदवाड़ा – 25.8°C
उमरिया – 25.9°C
बड़े शहरों का हाल:
इंदौर – 25.6°C
भोपाल – 26°C
उज्जैन – 28.4°C
ग्वालियर – 28°C
जबलपुर – 26°C
नवंबर ने तोड़ दिए ठंड के सारे रिकॉर्ड
इस बार नवंबर का महीना रिकॉर्डतोड़ ठंड लेकर आया। भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चली—जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा।
17 नवंबर की रात तापमान पहुंचा – 5.2°C
इससे पहले रिकॉर्ड – 30 नवंबर 1941 (6.1°C)
इंदौर में भी पारा 6.4°C तक गिरा, जो 25 वर्षों में सबसे सर्द रात रही।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, "इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह से बर्फबारी शुरू हो गई थी। इसी वजह से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंचीं। हालांकि, आखिरी हफ्ते में हवा की दिशा बदलने से ठंड का असर कुछ कम हो गया था।"
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