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मध्यप्रदेश विधानसभा में ₹19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, नर्मदा घाटी विकास और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फोकस

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मध्यप्रदेश विधानसभा में 19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, नर्मदा घाटी विकास और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फोकस

मध्यप्रदेश विधानसभा में 19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, नर्मदा घाटी विकास और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फोकस

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने 19,287 करोड़ रुपए का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। सत्र की शुरुआत से ही राजनीतिक माहौल गर्म रहा, लेकिन सदन के भीतर सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष की जरूरतों और लंबित योजनाओं को रफ्तार देने के लिए यह बड़ा वित्तीय प्रस्ताव रखा। आसान शब्दों में कहें तो सरकार ने उन कामों के लिए अतिरिक्त राशि मांगी है जिन्हें इस साल पूरा करना जरूरी माना जा रहा है।


बजट का आकार और मुख्य प्रावधान

इस अनुपूरक बजट में कुल 19,287 करोड़ रुपए शामिल किए गए हैं। इसमें से 8,934 करोड़ रुपए राजस्व मद के लिए और 10,353 करोड़ रुपए पूंजीगत खर्च के लिए तय किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे प्राथमिक परियोजनाओं को गति मिलेगी और वित्तीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।


नर्मदा घाटी विकास विभाग को सबसे बड़ा हिस्सा

सबसे अधिक 4,700 करोड़ रुपए का आवंटन नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया है। इस राशि का उपयोग सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और अधूरे कार्यों को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इससे खेती-किसानी को सीधे फायदा मिलेगा और प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, जिससे किसानों की उत्पादकता पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।


ऊर्जा कंपनियों को राहत, स्थानीय निकायों के लिए भी फंड

ऊर्जा क्षेत्र की वित्तीय जरूरतों को देखते हुए विभाग की कंपनियों को अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,630 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसका उद्देश्य बिजली उत्पादन और वितरण से जुड़े कामों को सुचारू रखना है।

इसके अलावा नगरीय और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय निकायों को 1,569 करोड़ रुपए अनुदान के रूप में देने का प्रावधान किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।


कर्ज के ब्याज भुगतान पर भी जोर

सरकार ने पहले लिए गए कर्ज के ब्याज भुगतान के लिए 1,650 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे साफ है कि अनुपूरक बजट केवल नई योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय दायित्वों को पूरा करने पर भी ध्यान दिया गया है।


विपक्ष का हंगामा और सवाल

बजट पेश होने से पहले विधानसभा परिसर में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से जुड़ी घटनाओं और कथित 35 मौतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए। वहीं सदन के भीतर भी अनुपूरक बजट के आकार और प्राथमिकताओं को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई, जबकि सरकार ने इसे विकास और आर्थिक संतुलन की दिशा में जरूरी कदम बताया। आने वाले दिनों में इस पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।

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