शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

एमपी के इस शहर में शुरू हुआ प्रदेश का पहला सरकारी मोटापा क्लिनिक, अब फ्री में होगी बैरियेट्रिक सर्जरी

24 फ़र, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
This city in MP has opened the state's first government obesity clinic, where bariatric surgery will now be free.

This city in MP has opened the state's first government obesity clinic, where bariatric surgery will now be free.

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी मजबूती मिली है। एमवाय अस्पताल में बेरियेट्रिक और मेटाबोलिक क्लिनिक की शुरुआत के साथ अब मोटापे से जूझ रहे मरीजों को महंगी निजी सर्जरी का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।


सरकारी अस्पताल में पहली बार शुरू हुई विशेष सुविधा

आर्थिक राजधानी इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में सोमवार से इस नई क्लिनिक की शुरुआत की गई। संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने उद्घाटन करते हुए कहा कि मोटापा तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। इसके कारण मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक बदलती लाइफस्टाइल, फास्ट फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस समस्या को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।


आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज

अब तक मोटापा सर्जरी के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में 4 से 5 लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। लेकिन नई सुविधा शुरू होने के बाद आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को यह इलाज पूरी तरह निशुल्क मिलेगा। क्लिनिक में एक ही जगह पर जांच, डायट काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सलाह और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे इलाज की प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित होगी।


मरीजों को मिल रही नई जिंदगी

इस पहल से मरीजों को सीधे लाभ मिलने लगा है। खजराना निवासी 30 वर्षीय गुल अफशां ने बताया कि सर्जरी के बाद उनका वजन 120 किलो से घटकर करीब डेढ़ महीने में 97 किलो रह गया। वजन कम होने से डायबिटीज की समस्या में भी राहत मिली है। वहीं सुषमा भिलवारे ने कहा कि उनका वजन 103 किलो से घटकर 70 किलो हो गया है, जिससे ब्लड प्रेशर सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार हुआ है।


क्यों जरूरी है बेरियेट्रिक और मेटाबोलिक क्लिनिक?

विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा सिर्फ दिखावे की समस्या नहीं बल्कि एक गंभीर मेडिकल कंडीशन है। समय पर इलाज न मिलने पर यह कई पुरानी बीमारियों को जन्म दे सकता है। सरकारी स्तर पर ऐसी सुविधा शुरू होने से उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी जो आर्थिक कारणों से इलाज नहीं करा पाते थे।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें