
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की जगह प्रदेश में तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय खोले जाने को मंजूरी दी गई। इनको प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय नाम दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट में लिए गए निर्णयों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जो तीन नए प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय खोले जाने हैं उसमें एक मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल, दूसरा मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, उज्जैन और तीसरा महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर शामिल है। इनमें पदों के सृजन आदि की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मौजूदा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मध्य भारत औद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय होगा।
आरजीपीवी मैं वर्तमान में 13 पाठ्यक्रम संचालित है। इससे 585 संस्थाएं शब्द हैं। मंत्री ने बताया कि अलग-अलग क्षेत्र में प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय खुलने से छात्रों को अधिक फायदा होगा।
कैबिनेट में 41,000 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई
कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के लिए करीब 41,000 करोड़ रुपए के स्वीकृति दी गई। इसमें से विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए 29619 करोड़ रुपए मंजूर किए गए। दुग्ध उत्पादकों के लिए 2973 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। इसमें से 1547 करोड़ रुपए प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने पर खर्च किए जाने हैं। जिसमें दुग्ध उत्पाद बनाए जाएंगे।
अगला जन विश्वास अभियान 11 सितंबर को
श्री कृष्ण जन्माष्टमी 4 और 5 सितंबर को मनाया जाने की वजह से जन विश्वास अभियान की तारीख में बदलाव किया गया है। अब 11 सितंबर को जन्म विश्वास अभियान का आयोजन किया जाएगा। पिछले जन विश्वास अभियान में मुख्यमंत्री बालाघाट पहुंचे थे और 100 गांव को 225 करोड रुपए की सौगात दी थी।
पश्चिमी भोपाल बाईपास फोरलेन की लागत बड़ी
लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए जा रहे पश्चिमी भोपाल बाईपास पर लेने की लागत बढ़ गई है। कैबिनेट में बढ़ी हुई राशि को स्वीकृति दी गई। पहले 2981 करोड रुपए मंजूर हुए थे, अब राशि बढ़कर 3225 करोड रुपए हो गई है। पहले स्वीकृत मुआवजे का गुणांक 2 से बढ़कर चार हो गया है। वही रहता पानी टाइगर रिजर्व को देखते हुए अंडरपास बनाए जाने हैं। इससे लागत बढ़ गई है।
ये निर्णय भी लिए गए…
. प्रत्येक जिले में शिकायतों के निराकरण के लिए लोकपाल नियुक्त किए जाएंगे।
. बीना खिमलासा मार्ग को फोर लेन बनाने के प्रस्ताव प्रस्ताव को मंजूरी। 2776 करोड़ की लागत से मार्ग बनेगा।
. आयुष विभाग में नवगठित जिलों के लिए पदों के सृजन के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली है।
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