
भोपाल। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने निवास कार्यालय से टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह एवं निवाड़ी जिले में पदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की मैदानी स्थिति व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की शत-प्रतिशत पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संभावित तिथि से लगभग एक सप्ताह पूर्व उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जोखिम के अनुरूप उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाई जा सके।
उपमुख्यमंत्री ने सभी चिकित्सकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा का अनुभव चिकित्सकों को संवेदनशील और बेहतर डॉक्टर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चिकित्सक पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं सेवाभाव से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संबंधित जिलों के सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ एवं नवपदस्थ बॉन्डेड डॉक्टर्स शामिल हुए।
मैदानी अमले से संवाद व संवेदनशील व्यवहार पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता में आशा, एएनएम एवं अन्य मैदानी स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। चिकित्सक उनसे नियमित संवाद कर उनकी समस्याओं एवं अनुभवों को समझें। अच्छे कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के साथ संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं। मैदानी अमले की सक्रियता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ेगी।
समय प्रबंधन और रोकथाम को प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को समय प्रबंधन के साथ दायित्वों का बेहतर नियोजन करने तथा सेवा के प्रति समर्पण एवं सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘प्रिवेंशन इज बेटर दैन क्योर’ की अवधारणा के अनुरूप नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से एनसीडी सहित विभिन्न बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मरीजों को अनावश्यक रेफर न करने पर दिया जोर
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने टेलीमेडिसिन सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने तथा मरीजों को अनावश्यक रेफर नहीं करने पर जोर दिया। आवश्यक परिस्थितियों में ही उचित स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल किया जाए। आमजन को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित खानपान एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने की भी बात कही।
बीएमओ-सीएमएचओ करें नियमित मॉनिटरिंग
उपमुख्यमंत्री ने बीएमओ एवं सीएमएचओ को स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों में स्वच्छता, आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता तथा मरीजों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
चिकित्सकों ने साझा किए मैदानी अनुभव
संवाद के दौरान टीकमगढ़ जिले के पीएचसी बराना की डॉ. भूमि सक्सेना एवं डॉ. गगन सिंह ने स्वास्थ्य केंद्रों में मिल रहे स्टाफ सहयोग और जनसहयोग की जानकारी दी। निवाड़ी जिले के पीएचसी ओरछा के डॉ. दिव्यांशु ककरे, दमोह जिले के पीएचसी तारादेही के डॉ. धर्मेंद्र यादव तथा छतरपुर जिले के पीएचसी गढ़ी मलहरा के डॉ. तनिष्क बिछारिया ने अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से अवगत कराया।
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