
मिडिल ईस्ट में जंग का माहौल और खतरनाक हो गया है। 34 दिनों से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है। लोग जहां सीजफायर की उम्मीद कर रहे थे, वहीं अब युद्ध और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
ट्रंप का बड़ा ऐलान: “2-3 हफ्तों में कार्रवाई”
राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने साफ कर दिया कि हालात जल्द शांत नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले 2-3 हफ्तों में ईरान पर ज़ोरदार हमला कर सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पहले कई बार युद्ध खत्म करने की बात कही गई थी, लेकिन हर बार फैसला टलता रहा। अब इस नए ऐलान ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नज़र
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नियंत्रित किए जाने से वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ा है। इस पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वहां जाकर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। यह कदम सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।
‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का खुलासा
ट्रंप ने अपने संबोधन में बताया कि जून में अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे खतरनाक हथियार थे, जिनकी जानकारी पहले नहीं थी, और अब उन्हें नष्ट कर दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हट रहा।
“ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे”
ट्रंप ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही है, लेकिन ईरान ने हर समझौते को ठुकराया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, और इसके लिए सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
सेना की ताकत और ग्लोबल संदेश
संबोधन के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सेना की ताकत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत सैन्य क्षमता है। साथ ही उन्होंने हालिया सैन्य ऑपरेशनों और ऊर्जा उत्पादन में बढ़त का भी जिक्र किया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि अमेरिका लंबे टकराव के लिए तैयार है।
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