
भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब जांच तेज हो गई है। CBI द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर भोपाल जिला कोर्ट में अलग-अलग आवेदन दायर किए गए हैं। मंगलवार को इस मामले में अहम सुनवाई होनी है। माना जा रहा है कि कोर्ट आज जांच से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने पर बड़ा आदेश दे सकता है।
CDR और CCTV फुटेज बचाने की मांग क्यों उठी?
ट्विशा के परिवार की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कोर्ट में आवेदन देकर कॉल डिटेल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, आरोपी पक्ष से गिरिबाला सिंह की तरफ से CCTV फुटेज संरक्षित रखने का आवेदन दाखिल किया गया है। दोनों पक्षों की इस मांग के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच में इलेक्ट्रॉनिक सबूत सबसे अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इसी वजह से कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर टिक गई है।
पुलिस रिपोर्ट नहीं पहुंची, टली सुनवाई
सोमवार को इस मामले में सुनवाई तय थी, लेकिन भोपाल पुलिस समय पर रिपोर्ट अदालत में पेश नहीं कर सकी। रिपोर्ट लंबित रहने के कारण कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी। अदालत ने पुलिस को जरूरी दस्तावेज और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। संभावना जताई जा रही है कि आज पुलिस अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है, जिसके बाद कोर्ट जरूरी निर्देश जारी करेगा।
CBI ने पति और सास के खिलाफ दोबारा दर्ज की FIR
सोमवार को CBI टीम भोपाल पहुंची और कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में दहेज के रूप में अतिरिक्त 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आने के बाद CBI ने दहेज मृत्यु और प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया। इससे केस अब और गंभीर माना जा रहा है।
SIT ने घर पहुंचकर की पूछताछ
सोमवार शाम करीब 7:30 बजे SIT टीम बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित समर्थ सिंह के घर पहुंची। यहां करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की गई। टीम ने मौके पर स्पॉट वेरिफिकेशन भी कराया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना वाली रात घर में क्या हुआ था और पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई।
सूचना देर से देने पर भी सवाल
CBI अब इस बात की भी जांच करेगी कि ट्विशा की मौत के बाद पुलिस को सूचना देर से क्यों दी गई। जानकारी के अनुसार ट्विशा ने 12 मई रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी, लेकिन मामला अगले दिन सुबह दर्ज कराया गया। परिजनों का आरोप है कि इस देरी के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश हुई। उन्होंने दावा किया कि समर्थ सिंह अस्पताल से लौटकर घर आया था और क्राइम सीन प्रभावित किया जा सकता है। यही वजह है कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं।
‘She is no more’ कॉल ने बढ़ाए सवाल
CBI FIR में दर्ज जानकारी के मुताबिक घटना वाली रात ट्विशा ने कई बार अपने मायके पक्ष से बात की थी। रात करीब 9:41 बजे व्हाट्सएप कॉल के दौरान पीछे से पति के चिल्लाने की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया। इसके बाद करीब 20 मिनट तक फोन रिसीव नहीं हुआ। फिर रात करीब 10:35 बजे कथित तौर पर सास ने फोन उठाकर सिर्फ इतना कहा — “She is no more” — और कॉल काट दिया। इस घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों का जिक्र
एम्स भोपाल की शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” बताया गया है। रिपोर्ट में शरीर के अन्य हिस्सों पर ‘ब्लंट फोर्स’ से लगी सामान्य चोटों का भी उल्लेख है। FSL टीम ने घटनास्थल से कई सबूत जुटाए हैं। जांच एजेंसियां अब चैट रिकॉर्ड, कॉल हिस्ट्री और डिजिटल साक्ष्यों को भी बारीकी से खंगाल रही हैं।
शादी के बाद प्रताड़ना के आरोप
ट्विशा की शादी 9 दिसंबर 2025 को नोएडा में समर्थ सिंह से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी में क्षमता से अधिक दहेज दिया गया था और बाद में अतिरिक्त पैसों की मांग की गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। FIR में गर्भावस्था, अबॉर्शन और चरित्र पर शक को लेकर भी गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। अब पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।
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