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ट्विशा शर्मा केस में बड़ा फैसला, CBI जांच को मंजूरी, हाईकोर्ट में समर्थ की जमानत पर सुनवाई

22 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा केस में बड़ा फैसला, CBI जांच को मंजूरी, हाईकोर्ट में समर्थ की जमानत पर सुनवाई
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने केस की CBI जांच के लिए सहमति दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। इधर, ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। मामले ने अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर गंभीर रूप ले लिया है।


मुख्यमंत्री ने दिया था जांच का आश्वासन

20 मई को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि अगर कोर्ट दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश देता है, तो सरकार पार्थिव शरीर को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी।


हाईकोर्ट में समर्थ सिंह की जमानत पर सुनवाई

ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस ए.के. सिंह की वैकेशन बेंच में चल रही है। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तक स्थगित कर दी।


पिता ने लगाए केस प्रभावित करने के आरोप

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने समर्थ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समर्थ जुलाई 2023 से अगस्त 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार में लीगल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुका है और फरारी के दौरान केस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह को पत्र लिखकर कटारा हिल्स थाना प्रभारी को हटाने की मांग भी की है।


दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग पर परिवार अड़ा

नवनिधि शर्मा ने कहा कि शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 4 डिग्री तापमान पर्याप्त होता है। उनका आरोप है कि पुलिस जानबूझकर परिवार पर जल्द बॉडी ले जाने का दबाव बना रही है। उन्होंने साफ कहा कि परिवार दूसरे पोस्टमॉर्टम की मांग से पीछे नहीं हटेगा और न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रखेगा।


‘जबरन साइन कराए गए’

ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि शव के सुपुर्दगीनामा पर उनसे जबरन हस्ताक्षर कराए गए, जबकि उन्होंने बॉडी ली ही नहीं थी। उनका कहना है कि पुलिस ने FIR दर्ज करने में भी देरी की और पहले शव लेने की शर्त रखी। परिवार का आरोप है कि जांच में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही।


चाचा ने कहा- सबूत मिटाए जा रहे

ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि क्राइम सीन को अब तक सील नहीं किया गया है और घर खुला छोड़ दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि शासन-प्रशासन और कुछ अधिकारी ट्विशा की सास तथा रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के पक्ष में काम कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


समर्थ के वकील ने क्या कहा?

समर्थ सिंह के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि ट्विशा परिवार की इकलौती बहू थीं और उनके संबंध पति व सास के साथ सौहार्दपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों के बीच शादी के शुरुआती महीनों में सामान्य असहमति होना असामान्य नहीं है। वकील के मुताबिक ट्विशा शादी के बाद कई बार अपने मायके भी गई थीं।

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